विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। सुबह की भव्य आरती के साथ नवरात्र का आगाज हुआ। माता के दर्शन के लिए सुबह से ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पहले नवरात्र पर मंदिर परिसर माता रानी के जयकारों से गूंज उठा। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां डालकर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। 11 से 20 अक्तूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्र के मद्देनजर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर न्यास और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि विभिन्न राज्यों से आने वाले भक्तों को माता के दर्शन करने में सुविधा मिल सके। नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। आने वाले दिनों में भी शक्तिपीठ में भक्तों की चहल-पहल रहने की उम्मीद है। मंदिर के पुजारी लक्की शर्मा के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि इस पवित्र स्थल पर माता सती के नेत्र गिरे थे। इसी मान्यता के कारण इस शक्तिपीठ का नाम श्री नयना देवी जी पड़ा। नवरात्र के पहले दिन माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।