हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की उपतहसील भराड़ी के मलोट पंगे गांव निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान बलवंत सिंह ठाकुर (39) का शुक्रवार रात देहरादून में एक दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को पैतृक गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने राइफलों से हवाई फायर कर उन्हें अंतिम सलामी दी और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। बलवंत सिंह ठाकुर, हरि सिंह ठाकुर के पुत्र थे और सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर सेवाएं दे रहे थे। उनकी तैनाती देहरादून में थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 2:30 बजे एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। देश की सेवा में जुटे जवान के असामयिक निधन से उनके परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख है। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है। बलवंत सिंह ठाकुर अपने पीछे माता-पिता, पत्नी रेखा देवी, दो बेटियों और एक विवाहित बहन को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी बेटी 11 वर्ष की है, जबकि छोटी बेटी महज आठ माह की है। जवान के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता ने अपना बेटा खो दिया, पत्नी ने जीवनसाथी और दोनों मासूम बेटियों ने पिता को खो दिया। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। रविवार को पैतृक गांव के श्मशान घाट में बलवंत सिंह ठाकुर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। सैन्य सम्मान के साथ दी गई विदाई के समय माहौल गमगीन रहा। बलवंत सिंह ठाकुर के निधन से मलोट पंगे गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है।