नारनौल। अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अगस्त और सितंबर में 12 हजार चालान किए गए। पावरिया ने सड़क सुरक्षा को सभी की साझा जिम्मेदारी बताते हुए इसमें ढिलाई न बरतने को कहा। बैठक में बताया गया कि एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग की सड़कों का सड़क सुरक्षा ऑडिट लगभग पूरा हो चुका है। आदर्श सड़क के रूप में विकसित पांच किलोमीटर के कई खंडों का कार्य भी पूर्ण हो गया है। अगस्त और सितंबर में परिवहन विभाग, एसडीएम और यातायात पुलिस ने स्कूल बसों की जांच की, नियमों की अनदेखी पर चालान किए गए। यातायात नियमों के पालन के लिए सख्ती जारी है। सीट बेल्ट, हेलमेट और तेज गति जैसे उल्लंघनों पर बड़े चालान हुए। एडीसी ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, अवैध कट बंद करने और यातायात बत्तियों की मरम्मत जैसे कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएमसी रणवीर सिंह, सचिव आरटीए मनोज कुमार, एसडीएम कनीना डॉक्टर जितेंद्र सिंह, एसडीम नांगल चौधरी उदय सिंह तथा एसडीएम नारनौल गुरविंदर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। यातायात उल्लंघन पर कार्रवाई: अगस्त और सितंबर में करीब 12 हजार चालान किए गए। इनमें बिना हेलमेट के 4,600, तेज गति के 1,300 और गलत साइड ड्राइविंग के 500 चालान प्रमुख हैं। आरटीए नारनौल ने इन दो माह में करीब 740 चालान कर लगभग 2.35 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला। सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत 830 बसों की जांच हुई और 95 चालान किए गए।