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नारनौल: समाधान शिविर में समाधान नहीं, मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख

नारनौल। आमजन की सुविधा के लिए सप्ताह में दो दिन लगने वाले समाधान शिविर में लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिविर में शिकायत सुन तो ली जाती है और अधिकारियों को मौके पर निर्देश भी दे दिए जाते हैं, लेकिन फाइलें विभागों में जाकर ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। आलम यह है कि जिले के अनेक लोग ऐसे हैं जो पिछले एक से दो साल से एक ही शिकायत लेकर समाधान शिविर के चक्कर काट रहे हैं। हर बार नया आश्वासन मिलता है, लेकिन समाधान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। शिविर में सबसे ज्यादा मामले परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा दिखाने, इंतकाल, शामलात व पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे और बुढ़ापा पेंशन से जुड़े आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि छोटी सी कमी को दुरुस्त कराने के लिए पहले महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगते हैं, फिर मजबूरी में समाधान शिविर का रुख करना पड़ता है। यहां आश्वासन के बाद उम्मीद तो बंधती है, लेकिन संबंधित विभाग के सुस्त रवैये से काम अधर में लटक जाता है। न तो अधिकारी काम के लिए साफ मना करते हैं और न ही तय समय पर काम पूरा करते हैं। मेरे पति बीमार चल रहे हैं और परिवार पहचान पत्र में आय भी कम दर्ज है। लेकिन एक साल पहले फैमिली आईडी में आय अधिक बताकर बीपीएल कार्ड से नाम काट दिया। शिविर में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें उपायुक्त ने समाधान का आश्वासन दिया है। संतोष, गांव- मंडलाना 86 कनाल जमीन के इंतकाल का कार्य पूरा करवाने के लिए डेढ़ साल पहले समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई थी। गत वर्ष 1 अक्टूबर को शिविर के दौरान तीन दिन के अंदर इंतकाल चढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक केवल कुछ जमीन का ही इंतकाल चढ़ पाया है। रामदास, गांव-कमानिया ग्राम पंचायत द्वारा शामलात व हरिजन चौपाल की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत शिविर में दर्ज करवाई थी। शिकायत का समाधान कर दिया गया और उस पर मेरे हस्ताक्षर भी हैं, जिसकी मुझे जानकारी तक नहीं है और न ही मैंने हस्ताक्षर किए हैं। उपायुक्त ने शिकायत के बाद समाधान का आश्वासन दिया है। लक्ष्मीनारायण, गांव-बाछौद शिविर में आई अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया और शेष समस्याओं के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य एक ही छत के नीचे नागरिकों की समस्याओं का निवारण सुनिश्चित करना है, ताकि शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी व सुगम तरीके से समाधान किया जा सके। काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुपमा अंजली, उपायुक्त, नारनौल।

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