पिंडारसी और पबनावा के बीच हुए दर्दनाक ट्रॉली हादसे में जान गंवाने वाले कलाल माजरा के चार लोगों में से तीन का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, जबकि मासूम बच्ची को दफनाया गया। एक साथ तीन चिताएं जलती देख पूरा गांव गम में डूब गया। हादसे के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। हादसे ने परिवारों को ऐसा दर्द दिया है, जिससे उबरना उनके लिए आसान नहीं होगा। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। परिवारों के दुख में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी भी कलाल माजरा पहुंचीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। पिंडारसी और पबनावा के बीच 24 सितंबर को श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटने से छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 13 लोग घायल हुए थे। हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी घटना पर दुख जताया था। हादसे के बाद से कलाल माजरा सहित आसपास के गांवों में शोक का माहौल बना हुआ है।