कांग्रेस विधायक एवं पार्षद प्रतिनिधियों के बीच हाथापाई होने के चलते सुर्खियों में आई नगर परिषद की पांच दिन बाद ही बुलाई गई बैठक फिर नाटकीय घटनाक्रम में रद्द करनी पड़ी। सभी पार्षद अपनी-अपनी तैयारी के साथ पहुंचे तो ऐन मौके पर कार्यकारी अधिकारी नदारद होने की सूचना मिली, जिसके साथ ही चेयरपर्सन ने बैठक रद्द किए जाने का ऐलान कर दिया। इससे भी पार्षद हैरान रह गए तो वहीं अब अगली बैठक कब होगी, यह भी तय नहीं हो पाया। कार्यकारी अधिकारी का मोबाइल भी स्विच ऑफ रहा, जिसके चलते पक्ष-विपक्ष के पार्षद भी संपर्क नहीं कर पाए। वहीं बैठक रद्द होने के बाद अशोक अरोड़ा के साथ आए सैंकड़ों समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। बीते 23 मई को हुई बैठक में हाथापाई के चलते हुए विवाद को देखते हुए इस बार भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। केवल पार्षदाें को ही बैठक में प्रवेश दिया गया लेकिन उसी दौरान बैठक रद्द किए जाने का ऐलान कर दिया गया। ऐसे में पार्षदों के साथ-साथ प्रशासन की ओर से की गई तैयारी भी धरी की धरी रह गई।