जींद। शहर में लंबे समय से प्रभावित सफाई व्यवस्था को लेकर अब जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाने के मूड में है। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि कोई सफाई कर्मचारी काम पर लौटने के बजाय सफाई व्यवस्था में बाधा डालता है या कूड़ा उठाने वाले वाहनों को रोककर सरकारी कार्य प्रभावित करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। डीसी ने सफाई कर्मचारियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए काम पर लौटने की अपील की है। डीसी सोमवार को कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों के साथ बैठक कर शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। शहर में 500 टन से अधिक कूड़ा सड़कों पर पड़ा होने के कारण शहरवासियों को परेशानी बनी हुई है। डीसी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ओर से रखी गई सभी जायज मांगों को सरकार स्वीकार कर चुकी है। वहीं कर्मचारियों की रेगुलराइजेशन से संबंधित मांग का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कर्मचारियों को किसी के बहकावे में आने के बजाय अपनी ड्यूटी पर लौटकर शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। कार्य में बाधा डालने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के साथ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी नियमों के तहत की जा सकती है। पुलिस के सहयोग से जारी रहेगा कूड़ा उठाने का काम डीसी ने जिला नगर आयुक्त अनिल दून को निर्देश दिए कि एजेंसी के माध्यम से शहर में सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जाए। पुलिस प्रशासन के सहयोग से सफाई वाहनों और कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने वाले वाहन को रोकता है, उसकी हवा निकालता है या सफाई कार्य में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।