हांसी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और बाजारों की तस्वीर देखकर ऐसा लग रहा है, मानो पूरा शहर ही कूड़ेदान में तब्दील हो गया हो। कूड़े से उठती बदबू के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ का आंदोलन आज 33वें दिन भी जारी रहा। आपको बता दे कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को मुंह पर कपड़ा रखकर इन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि बाजार में फैली गंदगी का सीधा असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। ग्राहक गंदगी और बदबू के कारण बाजार में आने से बच रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। शहर में प्रतिदिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है, जबकि कर्मचारियों के अनुसार हड़ताल के चलते बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो चुका है। लगातार बढ़ते कूड़े के ढेरों से लोगों में बीमारी फैलने का डर भी बना हुआ है।हांसी शहर में प्रतिदिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है। कर्मचारियों का दावा है कि 33 दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर में करीब 700 टन कूड़ा जमा हो चुका है। भाजपा विधायक विनोद भयाना के निवास के नजदीक, नागरिक अस्पताल के पास सड़क किनारे, नगर पालिका कार्यालय के आसपास, सदर बाजार, प्रताप बाजार, बड़सी गेट के अंदर और चौपटा चौक सहित शहर के कई हिस्सों में कचरा जमा है। कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। गंदगी और बदबू के कारण आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों में भी रोष है। लगातार जमा हो रहे कूड़े से लोगों को बदबू और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में बीमारियां फैलने की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। तस्वीरों में भी एक महिला मुंह पर कपड़ा रखकर कूड़े के पास से गुजरती नजर आई। स्थानीय दुकानदार लवकेश सैन ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर का बुरा हाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और दुकानदारों को गंदगी के बीच बैठकर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की। दुकानदार जितेंद्र ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कूड़े के ढेरों से आम लोगों को परेशानी हो रही है और बीमारी फैलने का डर भी बना हुआ है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की मांग की। वहीं हांसी निवासी तेलूराम ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में कम वेतन में कर्मचारियों के लिए परिवार चलाना मुश्किल है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रवैया अपनाते हुए जल्द समाधान करना चाहिए। फिलहाल हड़ताल के 33वें दिन भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। शहर में बढ़ते कूड़े के ढेरों के बीच लोगों को अब प्रशासन और सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद है।