हांसी अनाज मंडी में धान की आवक एक लाख क्विंटल पार कर चुकी है, लेकिन खरीद और उठान की धीमी गति के कारण किसान परेशान हैं। पीआर धान की सरकारी खरीद न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं, वहीं 1121 किस्म के धान को 1718 के भाव में खरीदे जाने का आरोप भी लग रहा है। आवक और खरीद का आंकड़ा मंडी में अब तक करीब एक लाख क्विंटल धान पहुंच चुका है। सरकारी एजेंसियों द्वारा लगभग 46 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है, जबकि केवल 13,710 क्विंटल धान का ही उठान हो पाया है। खरीद और उठान की धीमी रफ्तार किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। किसानों के आरोप और चिंताएं किसानों का कहना है कि मंडी में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन खरीद प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों और उचित भाव नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि 1121 किस्म के धान को 1718 किस्म के भाव में खरीदा जा रहा है, जिससे उन्हें प्रति क्विंटल करीब 700 रुपये का नुकसान हो रहा है। पीआर धान की सरकारी खरीद न होने से भी किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। संभावित समस्याएं और मांगें किसानों के अनुसार, यदि धान की खरीद और उठान में तेजी नहीं आई तो मंडी में फसल रखने के लिए जगह की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। किसान तेलू राम ने पीआर धान की सरकारी खरीद न होने और कम भाव मिलने से किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान का जिक्र करते हुए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और उचित भाव दिलाने की मांग की है। मंडी सचिव का पक्ष वहीं, मंडी सचिव बसाऊ राम का कहना है कि किसानों की आते ही फसल के गेट पास काटे जा रहे हैं और उन्हें अच्छे भाव मिल रहे हैं। उनके अनुसार, किसी भी प्रकार की दिक्कत किसानों को नहीं है।