टांगरी नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध बसाहट और नियमित रूप से डिसिल्टिंग (गाद सफाई) न होने के कारण अंबाला की करीब 40 कॉलोनियों और कई ग्रामीण इलाकों पर हर साल बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। वर्ष 2025 में आई बाढ़ के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में सात से आठ फुट तक पानी भर गया था। इस वर्ष भी अगस्त और सितंबर में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोगों को अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने रामपुर सरसेड़ी से पंजाब सीमा तक करीब ढाई किलोमीटर लंबा पक्का तटबंध बनाने और नदी की गाद निकालने का खाका तैयार किया था। हालांकि, महज पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पाने के कारण यह सुरक्षा परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। अंबाला में टांगरी नदी से बाढ़ की समस्या नई नहीं है। स्थानीय लोग जुलाई 2023 से लेकर 2026 तक लगातार इसके प्रभाव का सामना कर रहे हैं। नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण और गाद जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।