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दिल्ली: सीएससी के जरिए साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, तीन जालसाज गिरफ्तार, 2.50 करोड़ का लेनदेन

Rahul Kumar Tiwari Updated Thu, 03 Sep 2026 05:17 PM IST

कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सुविधा को साइबर ठगों ने ठगी की रकम इधर-उधर करने का जरिया बना लिया है। उत्तरी जिले की साइबर सेल ने ऐसे ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी से तीन जालसाजों आशीष कुमार, अमित कुमार और उमेशचंद को गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के बदले साइबर ठगों को बैंक खाता, सीएससी वॉलेट और सिम कार्ड मुहैया करते थे। आरोपियों से जुड़े खातों से 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, नौ पासबुक, छह चेकबुक, 15 डेबिट और क्रेडिट कार्ड और एक बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन बरामद हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुलाई माह में 72 साल के एक बुजुर्ग ने साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि टाटा पावर के सोलर पावर कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। साथ ही मौजूदा बिजली कनेक्शन और मीटर पर नाम बदलने की प्रक्रिया भी चल रही थी। 18 जुलाई को उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली कनेक्शन और नाम बदलने की प्रक्रिया से जुड़ा कर्मचारी बताया। उसने बुजुर्ग काे 13 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने की बात कहकर एक लिंक भेजा, जिसपर क्लिक करते ही उनके खाते से 1.99 लाख रुपये निकल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की। बैंक खातों की जांच में पता चला कि रकम पेयू पेमेंट गेटवे के जरिए एक सीएससी मर्चेंट तक पहुंची, जो आशीष कुमार जनसेवा केंद्र के नाम से पंजीकृत मिली। मोबाइल नंबर की जांच कर पुलिस 24 साल के आशीष कुमार की पहचान कर उसे शाहजहां पुर यूपी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके नाम पर सीएससी लाइसेंस था, लेकिन उसने वॉलेट आईडी अमित कुमार को दे रखा था।

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