पटेल नगर के बलजीत नगर इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक इमारत में आग में फंसे दो बच्चों समेत पांच लोगों की जान बचा ली। इसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल हैं। आग की लपटों और घने धुएं के बीच पुलिसकर्मियों ने इमारत की तीसरी मंजिल पर से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तंग और भीड़भाड़ वाली गलियों के कारण दमकल की गाड़ी इमारत तक नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसे में पुलिस ने दमकल कर्मी बनकर स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया। मध्य जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंगद मेहता ने बताया कि 27 अगस्त की दोपहर करीब 2.04 बजे पटेल नगर थाना पुलिस को बलजीत नगर स्थित हिल मार्ग के एक इमारत में आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नवीन कुमार समेत करीब 25 पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लगी है और धुआं ऊपर की मंजिल में फैल गया है। साथ ही देखा कि इलाके की गलियां बेहद संकरी और भीड़भाड़ वाली है। इस वजह से दमकल की गाड़ी सीधे घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रही थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि तीसरी मंजिल पर पांच लोग फंसे हैं, जिसमें दूसरी मंजिल पर रहने वाली गीता और उनके दो बच्चे मानव, राहुल, तीसरी मंजिल पर रहने वाली गर्भवती महिला बेबी उनके परिचित राजकुमार शामिल हैं। तेज लपटों और घने धुएं के कारण उनकी जान पर गंभीर खतरा था। इस दौरान पुलिस ने तीस स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। आसपास की छतों और घरों से पानी की व्यवस्था कर आग की लपटों को नियंत्रित करने और उसे आसपास के मकानों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया। साथ ही एक दुकान से आग बुझाने के 25 उपकरण मंगवा कर आग बुझाने में जुट गए। इसी बीच हवलदार दीपक और पवन के साथ एक पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए जोखिम उठाकर इमारत में प्रवेश किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस और स्थानीय निवासियों की संयुक्त कोशिशों से बड़ा हादसा टल गया।