गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से लेकर जलभराव और कूड़ा डंपिंग करने वालों तक पर अब तकनीक के जरिए नजर रखी जाएगी। शहर में दिसंबर 2026 तक 4287 सीसीटीवी कैमरों का निगरानी नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जीएमडीए के फेज-1 में पहले से सक्रिय 1200 कैमरे, फेज-2 के तहत लगाए जा रहे 2722 कैमरे और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल), जीएमडीए तथा उत्कर्ष सोसाइटी फॉर सेफ हरियाणा के एमओयू के तहत लगाए जा रहे 365 कैमरे शामिल हैं। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी सीसीटीवी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। फेज-2 में 1406 एएनपीआर, 102 आरएलवीडी, 74 पीटीजेड, 759 जनरल सर्विलांस, 347 फेस रिकॉग्निशन कैमरे और 20 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं। जीएमडीए और एमएसआईएल के बीच हुए एमओयू के तहत 23 प्रमुख जंक्शनों पर 365 सीसीटीवी कैमरे और 29 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं। जलभराव और कूड़ा डंपिंग पर भी नजर शहर के महत्वपूर्ण ड्रेनेज प्वाइंट, नाले, जलभराव वाले स्थान, ड्रेनों के शुरुआती और संगम बिंदु तथा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट भी सीसीटीवी की निगरानी में आएंगे। आईसीसीसी के माध्यम से इन स्थानों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। इससे जलभराव या कूड़ा डंपिंग जैसी समस्या सामने आते ही संबंधित एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकेंगी।