कोरबा में शनिवार सुबह से हो रही झमाझम बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। तेज बारिश से शहर के कई वार्ड जलमग्न हो गए और नाली-नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खाने-पीने का सामान बर्बाद हो गया और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
पिछले पांच दिनों से मौसम बदला हुआ था और रुक-रुककर बारिश हो रही थी, लेकिन सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी। सुबह होते ही कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और सड़कों व नालों का पानी घरों में घुटनों तक भर गया। लोग खुद ही पानी निकालने में जुटे रहे।
नगर निगम क्षेत्र के आरपी नगर, चिमनी भट्टा, शारदा विहार, अमरैया पारा, मोती सागर पारा, सीतामणी और मुड़ापार में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। चिमनी भट्टा में 40 से अधिक घरों में नाले का पानी कमरों तक घुस गया। पहले पानी मुख्य द्वार तक था, अब घरों के अंदर भर गया है। इससे घरों का सारा सामान, बच्चों की कॉपी-किताबें और खाने-पीने का सामान भीगकर खराब हो गया। लोगों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया।
शारदा विहार अटल आवास में 12 से अधिक घरों में नाली और नाले का गंदा पानी घुस गया। गली पूरी तरह जलमग्न हो गई और घरों का सामान पानी में तैरता नजर आया।घरों के अंदर सांप बिछु गंदगी भी घुस गए। लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन स्थायी समाधान नहीं निकाल रहे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और नगर निगम को जल निकासी और नाली सफाई की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वार्ड नंबर 14 चिमनी भट्टा और अमरैया पारा हर साल जलभराव से जूझता है, फिर भी निगम ध्यान नहीं दे रहा। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।