छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब रानी दुर्गावती गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली बीसीए फाइनल ईयर की एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
जानकारी के अनुसार, छात्रा की पहचान रितिका नामदेव, निवासी खनौदी, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में बीसीए फाइनल ईयर की छात्रा है और रानी दुर्गावती गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राएं थोड़ी देर के लिए बाथरूम की ओर गई थीं। उस समय रितिका कमरे में अकेली थी। कुछ देर बाद जब छात्राएं वापस लौटीं तो उन्होंने उसे गंभीर अवस्था में देखा। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल की अन्य छात्राएं और विद्यार्थी मौके पर पहुंचे।
छात्रों ने तत्काल छात्रा को संभाला और विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आगे के उपचार के लिए विश्वविद्यालय की एंबुलेंस से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला अस्पताल भेजा गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में छात्रा का उपचार जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है। चिकित्सकों के मुताबिक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के बीच चिंता का माहौल है। फिलहाल छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले में किसी सुसाइड नोट के मिलने की भी जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।