मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

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स्मार्टफ़ोन आजकल आपका बैंक बन चुका है। मोबाइल वॉलेट में पैसे डालिए और उसके बाद कहीं पर कुछ भी ख़रीदिए। अब आप टैक्सी का किराया और कॉफ़ी के लिए भी मोबाइल वॉलेट से पैसे दे सकते हैं।
अगर स्मार्टफ़ोन को मोबाइल वॉलेट बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? हर बात बहुत छोटी लगेगी पर इनका ध्यान ज़रूर रखें।
अगर आप प्रीपेड वॉलेट चाहते हैं, तो उसमें आपको अपने डेबिट कार्ड या बैंक से पैसे डालने होंगे। अगर कुछ समय तक आप इस पैसे का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो यह आपके अकाउंट में वापस हो सकता है।
पोस्ट पेड वॉलेट में आपका बैंक अकाउंट आपके मोबाइल वॉलेट से जुड़ा होता है और जैसे-जैसे आप ख़र्च करते जाएंगे, आपके पैसे घटते जाएंगे। जो ओपन वॉलेट होते हैं, वो बैंक से जुड़े होते हैं। मतलब आप ओपन वॉलेट से पैसे भी निकाल सकते हैं। इसके मुकाबले क्लोज़्ड वॉलेट आपके बैंक अकाउंट से नहीं जुड़ा होता।
अगर उसमें पैसे हैं, तो आप ख़र्च कर सकते हैं और नहीं हैं तो ख़र्च नहीं कर सकते। अक्सर ई-कॉमर्स कंपनी आपके क्लोज़्ड वॉलेट में पैसे वापस करती हैं ताकि आप उन्हें फिर उन्हीं की वेबसाइट पर खर्च कर दें।
मगर ओपन वॉलेट में आपके पैसे अकाउंट में वापस आ जाएंगे। अगर आप किसी बैंक का ओपन वॉलेट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस तरह मिलेगा ज्यादा फायदा

जो भी वॉलेट आप इस्तेमाल कर रहे हैं, वो जितनी ज़्यादा कंपनियों से जुड़ते जाएं आपके लिए उतना बढ़िया है।
अगर कोई कंपनी अपना वॉलेट लॉन्च कर रही है, तो हो सकता है, वहां कोई स्कीम हो जो आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद हो। ऐसे छूट और ऑफ़र पर भी ध्यान देना चाहिए।
कई वॉलेट सिर्फ़ उन स्टोर से पैसे लेते हैं, जहां से आप ख़रीदारी कर रहे हैं लेकिन एक बार वॉलेट में पैसे ट्रांसफ़र करने के ख़र्च पर भी ध्यान दीजिए।
कुछ वॉलेट कंपनियां पैसे ट्रांसफ़र करते समय आपसे फ़ीस लेती हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमानुसार अगर आपने बैंक में पूरी जानकारी दे दी है, तो आप अपने वॉलेट में एक लाख रुपए तक रख सकते हैं।
अगर आपने पैन कार्ड, आधार कार्ड, घर के पते की जानकारी वगैरह नहीं दी है, तो आप अपने वॉलेट में आप सिर्फ़ 10 हज़ार रुपए रख सकते हैं।