आधी कीमत में प्रीमियम फीचर्स का मजा! आखिर क्यों पुराने फोन खरीद रहे लोग? ओल्ड गैजेट्स खरीदना कितना सुरक्षित

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Mon, 19 Oct 2026 06:42 PM IST
सार

महंगे नए स्मार्टफोन्स की बढ़ती कीमतों के बीच लोग अब कम बजट में प्रीमियम फीचर्स पाने के लिए सर्टिफाइड रीफर्बिशड और सेकंड-हैंड फोनों को तेजी से अपना रहे हैं। जानिए आखिर इसके और क्या-क्या कारण हैं।

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Why People Are Choosing Refurbished Phones Over Brand New Smartphones
लोग पुराने फोन क्यों खरीद रहे - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    आज के समय में जब भी नया स्मार्टफोन खरीदने की बात सामने आती है तो बहुत से लोग चमक-दमक वाले नए डिब्बा बंद फोन की जगह रीफर्बिशड यानी रिपेयर और टेस्ट किए गए पुराने फोनों की तरफ रुख कर रहे हैं। प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोंस की आसमान छूती कीमतों के चलते यह लोग ये कदम उठा रहे हैं। लोग आधा पैसा लगाकर अपने पैसे भी बचा रहे हैं और फ्लैगशिप और प्रीमयम फीचर का मजा ले रहे हैं।

    ये है सबसे बड़ी वजह?

    रीफर्बिशड फोन खरीदने का सबसे बड़ा कारण भारी-भरकम बचत है। जो फ्लैगशिप फोन लॉन्च के वक्त एक लाख रुपये से ज्यादा के मिलते हैं वही कुछ महीनों बाद रीफर्बिशड मार्केट में आधे दाम पर मिल जाते हैं। कम बजट में हाई-एंड कैमरा, शानदार प्रोसेसर और प्रीमियम डिजाइन मिल जाना ग्राहकों को सबसे ज्यादा अट्रैक्ट करता है। लोग कम खर्च में लग्जरी स्मार्टफोन का एक्सपीरियंस लेते हैं, जो उनके बजट पर बिल्कुल भी भारी नहीं पड़ता है।

    पुराने फोन पर लोग क्यों कर रहे भरोसा?

    दरअसल पहले पुराना फोन खरीदने में हमेशा धोखा खाने का डर रहता था, लेकिन अब कई बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और खुद बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां सर्टिफाइड रीफर्बिशड फोन बेच रही हैं। इन फोनों पर छह महीने और कई जगह एक साल तक की वारंटी और रिटर्न पॉलिसी मिलती है। पार्ट्स की ऑथेंटिसिटी और टेस्टिंग की पक्की गारंटी होने के कारण ग्राहकों का पुराना डर अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है जिससे उनका भरोसा काफी बढ़ गया है।

    कड़े क्वालिटी चेक और री-पैकेजिंग

    • कड़ी चेकिंग: रीफर्बिशड फोन बेचने वाली कंपनियां किसी भी डिवाइस को रीसेल करने से पहले उसकी दर्जनों अलग-अलग टेक्नीकल पॉइंट्स पर कड़ी चेकिंग करती हैं।
    • पार्ट्स की टेस्टिंग: इसमें बैटरी हेल्थ, डिस्प्ले स्क्रीन, स्पीकर और चार्जिंग पोर्ट जैसी हर जरूरी चीज को बहुत बारीकी से टेस्ट किया जाता है।
    • रिपेयरिंग: परीक्षण के दौरान अगर कोई कमी या खराबी मिलती है, तो उसे विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा पूरी तरह ठीक किया जाता है।
    • खराब पार्ट्स को बदलना: अगर डिवाइस का कोई पुर्जा काम करने की स्थिति में नहीं होता है, तो उसे नए और भरोसेमंद पार्ट्स से बदल दिया जाता है।
    • री-पैकेजिंग और क्वालिटी: अंत में फोन को बिल्कुल नए जैसी स्थिति में सुरक्षित पैक करके बाजार में उतारा जाता है, ताकि ग्राहक को हाई क्वालिटी मिल सके।

    तेजी से बदलते ट्रेंड और अपग्रेड का शौक

    आज के दौर में लोग हर साल अपना गैजेट बदलना चाहते हैं, लेकिन हर बार नया महंगा फोन खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर हो जाता है। रीफर्बिशड बाजार इस समस्या का सबसे बेहतरीन समाधान बनकर उभरा है। लोग कम कीमत में अपने पुराने फोन को बदलकर हर साल एक नया मॉडल आसानी से अपग्रेड कर लेते हैं। यही वजह है कि रीफर्बिशड मार्केट आज के समय में स्मार्टफोन बाजार का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ सेगमेंट बन गया है।

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