मोबाइल वॉलेट का करते हैं इस्तेमाल तो नोट करें ये काम की बातें

मोबाइल वॉलेट के बढ़ते चलन के साथ ही इनमें धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपका मोबाइल वॉलेट सर्टिफाइड है या नहीं? आरबीआई के मुताबिक, देश में तीन अलग-अलग तरह के मोबाइल वॉलेट हैं। इनमें क्लोज्ड वॉलेट, सेमी-क्लोज्ड वॉलेट और ओपन वॉलेट शामिल हैं।
वॉलेट के साथ पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डाटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन (PCI DSS) है या नहीं

अधिकतर मोबाइल वॉलेट ऑनलाइन पेमेंट करने पर कैशबैक ऑफर भी देते हैं। मगर इन वॉलेट्स का प्रयोग करते समय कुछ सावधानी बरतना भी जरूरी है। सबसे पहले जानें कि आप जिस मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उस वॉलेट ने पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डाटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन (PCI DSS) ले रखा है या नहीं। इस स्टैंडर्ड को कार्ड होल्डर्स के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है, जो भी कंपनी आपके कार्ड के डाटा को स्टोर, ट्रांसमिट और प्रोसेस करती है, उनके लिए इस सर्टिफिकेट को लेना जरूरी होता है।
इन 4 बातों का रखें ख्याल

ओटीपी न करें शेयर-
ट्रांजैक्शन के लिए आपके फोन पर आने वाला ओटीपी नंबर किसी से भी शेयर न करें। मोबाइल वॉलेट कंपनियां भी अपने यूजर्स को इस बारे में समय-समय पर सूचित करती रहती हैं।
ऐप लॉक का इस्तेमाल-
अगर आप अपने स्मार्टफोन में लॉक नहीं लगाते हैं, तो कम से कम ऐप लॉक का प्रयोग अवश्य करें, जिससे फोन लॉक न होने पर आपके वॉलेट का किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल होने की संभावना न के बराबर रह जाती है।
अकाउंट रखें लॉगआउट-
ज्यादातर लोग हमेशा अपने स्मार्टफोन में मोबाइल वॉलेट ऐप को लॉगइन ही रहते हैं। ऐसे में अगर आपने आपके फोन में पासवर्ड नहीं लगाया है, तो कोई भी उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है।
कैश एड करते समय न करें रिफ्रेश या बैक-
कभी-कभी वॉलेट में अकाउंट से कैश एड करते समय नेटवर्क स्लो होने की वजह से थोड़ा समय लग जाता है। ऐसे में यूजर को तब-तक वॉलेट को रिफ्रेश या बैक करने से बचना चाहिए, जब तक आपका ट्रांजैक्शन फेल या सक्सेसफुल होने का नोटिफिकेशन न मिल जाए।