विकीलीक्स के सह संस्थापक असांजे गिरफ्तार, इक्वाडोर ने कहा- करार के खिलाफ काम कर रहे थे असांजे

अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक कर दुनियाभर में सुर्खियां बटोरने वाले विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे को लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद असांजे को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत शर्तों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। अपनी गिरफ्तारी और स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए असांजे ने पिछले सात साल से इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी थी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने संसद में असांजे की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे कानूनी मसला बताया।
ब्रिटिश पुलिस के मुताबिक, दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर की सरकार ने 47 वर्षीय असांजे को दी गई शरण को हटा लिया था। इसके बाद इक्वाडोर के राजदूत ने पुलिस को बुलाया और असांजे को गिरफ्तार कर लिया गया। अंसाजे को जबरन दूतावास के बाहर निकाला।
इस दौरान वह पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते दिखे। पुलिस ने बताया कि अदालत ने असांजे को जमानत नियमों के उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए 2 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश करने का निर्देश दिया है। ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने इक्वाडोर सरकार का आभार जताते हुए असांजे की गिरफ्तारी का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। न्याय विभाग ने कहा कि हैकिंग मामले में दोषी पाए जाने पर विकीलीक्स के संस्थापक को पांच साल की सजा हो सकती है।
गौरतलब है कि प्रत्यर्पण से बचने के लिए असांजे ने जून, 2012 से दूतावास को अपना ठिकाना बना रखा था। हालांकि, बाद में स्वीडन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को हटा लिया था, लेकिन वह दूतावास में ही डटे रहे। उन्होंने 2010 में इराक और अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था।
करार के खिलाफ काम कर रहे थे असांजे : इक्वाडोर
हाल के कुछ महीनों में असांजे और इक्वाडोर के रिश्ते में खटास आ गई थी। इक्वाडोर के राष्ट्रपतिलेनिन मोरेनो ने कहा, ‘उनके देश ने असांजे को दी हुई शरण वापस ले ली थी। वह करार के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे। पिछले साल मार्च से उन्हें मिली इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी।’ विकीलीक्स ने कहा कि इक्वाडोर ने असांजे को दिया आश्रय गलत तरीके से वापस लिया।
कौन हैं जूलियन असांज?
बायोग्राफी डॉट कॉम के मुताबिक जूलियन असांज कंप्यूटर प्रोग्रामर, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म 3 जुलाई 1971 को ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। असांज ने साल 2006 में विकीलीक्स को शुरू किया था। इसके बाद एक-एक करके कई सरकारों और संगठनों की गोपनीय जानकारियां इस वेबसाइट पर प्रकाशित हुईं। जिसे लेकर बहुत बवाल भी हुआ। साल 2010 में असांज को टाइम मैगजीन ने पर्सन ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा। इसके बाद असांज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। इसके बाद साल 2012 से वह लंदन के इक्वाडोर दूतावास में रह रहे थे।
साल 2016 में एक बार फिर असांज का नाम चर्चा में आया। 2016 में उनकी वेबसाइट विकीलीक्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के हजारों ईमेल प्रकाशित किए और इसका असर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर भी पड़ा।
असांज पर 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकर्स की मदद से क्लिंटन और डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्यूटरों से दस्तावेज चोरी करने का भी आरोप है। इसी संबंध में पिछले साल जुलाई में न्याय विभाग ने कंप्यूटरों को हैक करने के साथ 12 रूसी खुफिया अधिकारियों को आरोपी बनाया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि 12 अधिकारियों में कई अधिकारी लगातार विकीलीक्स के संपर्क में थे।
असांज को बचपन से ही हैकिंग का शौक रहा है। 16 साल की उम्र में उनकी मां ने उपहार के रूप में उन्हें उनका पहला कंप्यूटर दिया था। 1991 में असांज ने नॉर्टल नाम की एक टेलीकॉम कंपनी के मास्टर टर्मिनल को हैक कर लिया था और कंपनी को संकट में डाल दिया था। ऑस्ट्रेलिया में असांज पर 30 से अधिक हैकिंग के केस हैं।
असांज ने कंप्यूटर प्रोग्रामर और सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और इसके लिए उन्होंने मेलबॉर्न विश्वविद्यालय में गणित की शिक्षा ली, हालांकि उन्होंने नैतिक कारणों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय छोड़ दिया था। इसी दौरान उन्होंने सेना के लिए कंप्यूटर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले छात्रों पर आपत्ति जताई थी।