Plane Crash: उड़ता प्लेन रडार से क्यों गुम हो जाता है? जानिए कैसे फेल हो जाती है दुनिया की सबसे एडवांस तकनीक

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Wed, 28 Jan 2026 04:28 PM IST
सार

Plane Crash Technology:

विमान हादसे के वक्त 'रडार से गायब' होने का मतलब हमेशा लापता होना नहीं होता। इसके पीछे ट्रांसपोंडर फेल्योर, पावर कट या खराब मौसम जैसे तकनीकी कारण होते हैं। जानिए कैसे सेकेंडरी रडार और ट्रांसपोंडर का कनेक्शन टूटते ही पायलट और कंट्रोल रूम के बीच अंधेरा छा जाता है।

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Why Aircraft Vanish Radar Crash know Science of Transponder Failure
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock

    विस्तार

    विमान हादसे की खबर आते ही सबसे दिमाग में एक ही सवाल आता है कि क्या प्लेन रडार से गायब हुआ था? लेकिन एविएशन की दुनिया में इसके पीछे ठोस तकनीकी कारण बताए गए हैं। ट्रांसपोंडर फेल्योर, पावर कट या खराब मौसम भी इसका प्रमुख कारण हो सकता है।

    रडार सिस्टम प्लेन को कैसे ट्रैक करता है ?

    रडार (रेडियो डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सेंसर रेडियो तरंगों की मदद से किसी वस्तु की स्थिति, दूरी, गति और दिशा का पता लगाते हैं। इसका इस्तेमाल विमान, मौसम, रक्षा, कारों और ट्रैफिक कंट्रोल में होता है। रडार सिस्टम में एक ट्रांसमीटर होता है, जो रडार सिग्नल बनाता है। एक सामान्य रडार सिस्टम में चार अहम कॉम्पोनेंट होते हैं:

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    1. ट्रांसमीटर (Transmitter):यह हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो वेव्स (रडार सिग्नल) पैदा करता है।
    1. एंटीना (Antenna):एंटीना इन रेडियो तरंगों को हवा में भेजता है और जब ये तरंगें किसी वस्तु से टकराकर लौटती हैं, तो वही एंटीना उन्हें रिसीव भी करता है।
    2. रिसीवर (Receiver):लौटकर आने वाले कमजोर सिग्नल (Echo) को पकड़ता है और उन्हें आगे प्रोसेसिंग के लिए भेजता है।
    3. सिग्नल प्रोसेसर (Signal Processor):ये सबसे अहम हिस्सा है। ये बैकग्राउंड नॉइज को फिल्टर करता है और असली टारगेट को पहचानता है। दूरी, स्पीड और मूवमेंट का कैलकुलेशन करता है।

    रडार सेंसर काम कैसे करता है?

    रडार एंटीना रेडियो तरंगें भेजता है। ये तरंगें सामने मौजूद किसी वस्तु (जैसे विमान) से टकराती हैं। टकराने के बाद तरंगें वापस रडार सेंसर तक लौट आती हैं। लौटने में लगा समय (Time Delay) बताता है कि वस्तु कितनी दूर है फिर तरंगों की फ्रीक्वेंसी में बदलाव से ये पता चलता है कि वस्तु चल रही है या नहीं और उसकी गति कितनी है।

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    अगर विमान के सेंसर या नेविगेशन सिस्टम गलत डेटा दिखाने लगें, तो पायलट को ऊंचाई और दिशा का सही अंदाजा नहीं रहता। गलत फैसले दुर्घटना की वजह बन सकते हैं, भले ही विमान पूरी तरह रडार से गायब न हुआ हो।

    क्या जानबूझकर रडार से गायब किया जा सकता है प्लेन?

    कुछ दुर्लभ मामलों में मानवीय गलती या सिस्टम को जानबूझकर बंद करने से ऐसा संभव है। हालांकि आधुनिक विमानों में मल्टी-लेयर सेफ्टी सिस्टम होते हैं, जो किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना देते हैं।

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