AI: इंसानों को किराये पर लेकर अपने काम पूरे करवा रहा है एआई, जानिए कैसे काम करती है यह अजीब वेबसाइट?
AI Hiring Humans:
अब तक एआई को इंसानों का सहायक माना जाता था लेकिन Rentahuman.AI ने इस सोच को पूरी तरह पलट दिया है। इस प्लेटफॉर्म पर एआई खुद 'बॉस' की भूमिका में है और इंसानों को किराये पर लेकर ऐसे शारीरिक काम करवाता है, जो वह खुद अपनी डिजिटल दुनिया से बाहर निकलकर नहीं कर सकता।

विस्तार
अभी तक हम यही देखते आए हैं कि इंसान मालिक है और एआई उसका एक आज्ञाकारी नौकर है। जिससे हम ईमेल लिखवाने या फोटो बनवाने जैसे काम कराते हैं। लेकिन Rentahuman.AI नाम की वेबसाइट ने इस पूरी तस्वीर को बदल कर रख दिया है। अब एआई खुद 'बॉस' की भूमिका में नजर आ रहा है। दिक्कत यह है कि एआई के पास तेज दिमाग तो है पर हमारे जैसा शरीर और हाथ-पैर नहीं हैं, जिसकी वजह से वह स्क्रीन की दुनिया से बाहर नहीं निकल पाता। आज भी दुनिया में फिजिकल वेरिफिकेशन, कागजों पर साइन करना या बाजार से सामान लाने जैसे कई ऐसे काम हैं जो बिना शरीर के मुमकिन नहीं हैं।
इसी कमी को पूरा करने के लिए एआई अब इंसानों को 'किराये' पर लेने लगा है। जब भी उसे कोई ऐसा काम पूरा करना होता है जो वह खुद नहीं कर सकता तो वह इस प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से किसी इंसान को चुनता है और उसे ऑर्डर दे देता है। यह मशीनी दिमाग और इंसानी शरीर का एक अनोखा मेल है, जहां इंसान एआई को नहीं चला रहे बल्कि एआई इंसानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।'एआई घास नहीं छू सकता, लेकिन आप छू सकते हैं'यह बात सुनने में भले ही किसी मजाक जैसी लग रही हो लेकिन अब ये एक हकीकत है। हजारों लोग पहले ही इस प्लेटफॉर्म पर खुद को रजिस्टर कर चुके हैं ताकि एआई उन्हें काम पर रख सके। इस वेबसाइट की टैगलाइन सब कुछ साफ कर देती है- 'एआई घास नहीं छू सकता, लेकिन आप छू सकते हैं।' यानी जो काम एआई अपनी डिजिटल दुनिया में बैठकर नहीं कर सकता उसके लिए उसे आपकी जरूरत है। यह महज कोई इंटरनेट एक्सपेरिमेंट नहीं है बल्कि यह दिखाता है कि भविष्य में स्मार्ट मशीनें और इंसान मिलकर किस तरह काम करेंगे।
आखिर एआई को इंसानों की जरूरत क्यों है?
आज एआई कोडिंग कर सकता है, कानूनी कागजात तैयार कर सकता है और बड़े-बड़े सिस्टम्स को संभाल सकता है। लेकिन इन सबके बावजूद एआई की एक बड़ी सीमा है कि उसका कोई शरीर नहीं है। एक कंप्यूटर प्रोग्राम यह चेक करने खुद दुकान पर नहीं जा सकता कि वह असल में वहां है या नहीं। वह किसी इवेंट में जाकर खुद अपना पास (आईडी कार्ड) नहीं ले सकता, न ही कहीं जाकर कंप्यूटर फिट कर सकता है या कागजों पर अपने हाथों से साइन कर सकता है। Rentahuman.AI इसी दूरी को खत्म करता है। यहां एआई को जब भी किसी ऐसे काम की जरूरत होती है तो वह अपनी पसंद की जगह और बजट के हिसाब से किसी इंसान को काम पर रख लेता है। एआई के लिए किसी इंसान की सेवा लेना अब उतना ही आसान हो गया है जितना इंटरनेट पर स्पेस (क्लाउड स्टोरेज) खरीदना।
कोई क्रिएटिव काम नहीं बल्कि तयशुदा जिम्मेदारियां निभानी होगी
यहां गौर करने वाली बात ये है कि इस प्लेटफॉर्म पर इंसान को कोई बहुत बड़ा क्रिएटिव काम नहीं करना होता बल्कि उसे बहुत ही सटीक और तयशुदा जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। जैसे कि किसी ऐसी जगह से पैकेज पिकअप करना जहां आईडी दिखाना जरूरी हो या किसी मीटिंग और प्रोग्राम में एआई के प्रतिनिधि के तौर पर खुद मौजूद रहना। इसके अलावा, रियल एस्टेट के काम में किसी प्रॉपर्टी की मौके पर जाकर जांच करना या फिर ऑफिस और डाटा सेंटर में मशीनों और हार्डवेयर को सही तरीके से इंस्टॉल करने जैसे काम इसमें शामिल हैं।
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जब इंसान थे मशीनों के 'बॉस'
करीब 20 साल पहले अमेजन ने 'मैकेनिकल तुर्क' नाम की शुरुआत की थी। इसमें इंसान मशीनों को फोटो पहचानने जैसे छोटे-छोटे काम सिखाते थे। तब इंसान ही मशीनों का 'बॉस' हुआ करता था। लेकिन Rentahuman.AI ने इस खेल को पूरी तरह पलट दिया है। यहां मशीन खुद बॉस बन गई है और इंसान उसके कहे अनुसार काम कर रहे हैं। अब इंसान सिर्फ कंप्यूटर को जानकारी नहीं दे रहा बल्कि मशीन के आदेश पर असल दुनिया में जाकर उसके अधूरे काम पूरे कर रहा है।
एक अजीब फीडबैक लूप
आज हम एक ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां इंसान मशीनों को काम सिखा रहे हैं और मशीनें इंसानों को ऑर्डर दे रही हैं। ये एक ऐसी स्थिति बन गई है जो काम करने के पुराने तरीकों को पूरी तरह बदल रहा है। जहां एक तरफ बड़ी कंपनियों के लिए सामान की डिलीवरी या प्रॉपर्टी की जांच करना आसान हो गया है वहीं दूसरी तरफ इससे कुछ गंभीर सवाल भी खड़े होते हैं। मसलन, अगर एआई किसी इंसान को ऐसी जगह भेज दे जहां उसकी जान को खतरा हो तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? साथ ही काम पर रखे जाने वाले इंसानों की पहचान और उनके रिकॉर्ड की जांच कैसे की जाएगी?