Alert: क्या है ‘ड्रिप प्राइसिंग’ स्कैम? सरकार ने ऑनलाइन खरीदारों को किया सावधान, इस नंबर पर करें शिकायत

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 24 Oct 2025 05:46 PM IST
सार

Drip Pricing Scam:

त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ग्राहकों को लुभाने के लिए कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म छिपे चार्ज वसूल रहे हैं। सरकार ने अब इस भ्रामक ‘ड्रिप प्राइसिंग’ प्रैक्टिस के खिलाफ चेतावनी जारी की है।

विज्ञापन
what is drip pricing Indian government issued warning amazon flipkart online shopping
ड्रिप शापिंग स्कैम - फोटो : AI

    विस्तार

    त्योहारी सीजन में जब लाखों लोग Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑफर्स की तलाश में जुटे हैं, उसी दौरान केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को एक नई धोखाधड़ी से आगाह किया है। सरकार ने ‘ड्रिप प्राइसिंग’ नाम की चालाकी भरी तकनीक पर चेतावनी जारी की है, जिसके तहत ऑनलाइन शापिंग प्लेटफॉर्म्स खरीदारों से छिपे हुए चार्ज वसूलते हैं।

    क्या है ड्रिप प्राइसिंग?

    ड्रिप प्राइसिंग एक ऐसी मार्केटिंग रणनीति है, जिसमें किसी प्रोडक्ट की पूरी कीमत शुरुआत में नहीं दिखाई जाती। यूजर जब पेमेंट पेज तक पहुंचता है, तब धीरे-धीरे उसमें ‘हैंडलिंग फीस’, ‘प्लेटफॉर्म चार्ज’ या ‘सर्विस टैक्स’ जैसे अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्मार्टवॉच की कीमत 4,000 रुपये दिखाई जाती है, तो पेमेंट करते वक्त बिल 4,200 रुपये तक पहुंच जाता है।

    विज्ञापन

    सरकार ने क्यों दी चेतावनी?

    उपभोक्ता मंत्रालय के जागरूकता हैंडल @jagograhakjago ने ड्रिप प्राइसिंग को ‘डार्क पैटर्न’ बताया है। यह ऐसी तकनीक है जो यूजर्स को अधूरी जानकारी के आधार पर खरीदारी के लिए प्रेरित करती है। सरकार का कहना है कि ऐसे तरीकों से उपभोक्ता भ्रमित होते हैं और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था पर असर पड़ता है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    ड्रिप प्राइसिंग की पहचान है आसान
    ड्रिप प्राइसिंग की पहचान है आसान - फोटो : AI

    इस चेतावनी के जरिए सरकार चाहती है कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियां उत्पादों की पूरी कीमत, टैक्स और अनिवार्य शुल्क शुरुआत में ही दिखाएं। यह कदम ऑनलाइन मार्केट में पारदर्शिता और निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

    कैसे पहचानें ड्रिप प्राइसिंग?

    ड्रिप प्राइसिंग को पहचानना मुश्किल नहीं है। अगर आप पेमेंट पेज तक पहुंचते-पहुंचते कीमत में बढ़ोतरी देखें, कोई अनिवार्य चार्ज हटाया न जा सके या टैक्स और सर्विस फीस आखिरी चरण में दिखें, तो समझ लें कि प्लेटफॉर्म ड्रिप प्राइसिंग का इस्तेमाल कर रहा है।

    इससे बचने के लिए ग्राहकों को चाहिए कि वे ऑर्डर कन्फर्म करने से पहले अंतिम कीमत जरूर जांचें, विभिन्न वेबसाइट्स पर दाम की तुलना करें और ‘हैंडलिंग’ या ‘सर्विस चार्ज’ जैसे शब्दों पर खास ध्यान दें। अगर किसी वेबसाइट पर ऐसा मामला मिले, तो उसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर या consumerhelpline.gov.in पर की जा सकती है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें