स्कूलों में AI को लेकर अमेरिकी संसद में बहस: 60 प्रतिशत शिक्षक कर रहे एआई टूल्स का उपयोग, गलत इस्तेमाल भी बढ़ा

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 25 Feb 2026 12:57 PM IST
सार

अमेरिका में स्कूलों में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर सांसदों ने गंभीर चर्चा की। सरकारी स्कूलों के लगभग 60 प्रतिशत शिक्षक एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। चर्चा में यह भी सामने आया कि बच्चे शिक्षकों को बिना बताए असाइनमेंट पूरा करने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

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स्कूलों में एआई को लेकर अमेरिकी संसद में हुई गंभीर चर्चा - फोटो : IANS

    विस्तार

    वॉशिंगटन में आयोजित एक अहम संसदीय सुनवाई में अमेरिकी सांसदों ने स्कूलों में बढ़ते एआई उपयोग पर खुलकर चर्चा की। “एआई-तैयार अमेरिका का निर्माण: एआई युग में शिक्षण” शीर्षक से हुई इस बैठक में तकनीक के फायदे गिनाए गए, लेकिन इसके जोखिमों को भी गंभीरता से उठाया गया।

    सुनवाई के दौरान सांसद केविन काइली ने बताया कि 2024-2025 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के 60 प्रतिशत सरकारी स्कूल शिक्षकों ने अपने काम में एआई टूल का उपयोग किया। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक हर हफ्ते एआई का इस्तेमाल करते हैं, वे औसतन छह घंटे प्रति सप्ताह बचा लेते हैं। सालभर में यह लगभग छह सप्ताह के अतिरिक्त शिक्षण समय के बराबर है।

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    हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि 70 प्रतिशत शिक्षक खुद को कक्षा में एआई का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं मानते।

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    छात्रों में बढ़ रहा एआई का दुरुपयोग

    सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए काइली ने कहा कि करीब 40 प्रतिशत माध्यमिक और हाई स्कूल के छात्रों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने शिक्षक की अनुमति के बिना असाइनमेंट पूरा करने के लिए एआई का सहारा लिया। इससे शैक्षणिक ईमानदारी और मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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    वेस्ट वर्जीनिया की राज्य विद्यालय अधीक्षक मिशेल ब्लैट ने बताया कि उनके राज्य ने एआई को लेकर कठोर प्रतिबंधों के बजाय मार्गदर्शक सिद्धांत अपनाए हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में लागू किए गए दिशानिर्देशों से सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद मिली। बदलते हालात के अनुसार दस्तावेज में दो बार संशोधन भी किए जा चुके हैं।

    क्या रोबोट ले लेंगे शिक्षकों की जगह?

    इस सवाल पर 'टीच फॉर अमेरिका' के भारतीय-अमेरिकी सीईओ अनीश सोहोनी और वेस्ट वर्जीनिया की स्कूल अधीक्षक मिशेल ब्लाट ने दोटूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एआई कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता। सोहोनी के अनुसार, "एआई सिर्फ एक औजार है। असली पढ़ाई तब होती है जब छात्र अपने शिक्षक से जुड़ाव महसूस करते हैं।"

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    डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा का सवाल

    बैठक में गोपनीयता का मुद्दा भी गरमाया। माइक्रोसॉफ्ट की एलिसन नॉक्स ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी छात्रों के डेटा का इस्तेमाल अपने एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए नहीं करती है। साथ ही, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चैटबॉट का उपयोग प्रतिबंधित रखा गया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि एआई अब भविष्य की तकनीक नहीं बल्कि वर्तमान की हकीकत है। कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करने वाले डेविड स्लीखुइस ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र तकनीक पर इतने निर्भर न हो जाएं कि उनकी अपनी आलोचनात्मक सोच खत्म हो जाए।

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