ट्राई ने सैटेलाइट अर्थ स्टेशन गेटवे की स्थापना और संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने की दी सलाह, नियम भी सुझाए

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Tue, 29 Nov 2022 04:25 PM IST
सार

ट्राई की सिफारिशों के अनुसार, एसईएसजी लाइसेंसधारी एक या एक से अधिक सरकार द्वारा अनुमोदित सैटेलाइट सिस्टम के संबंध में SESGs स्थापित कर सकता है। हालांकि, इसे सीधे यूजर्स को किसी भी प्रकार की दूरसंचार सेवा या प्रसारण सेवा प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी।

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Trai releases recommendations on licensing framework for establishing and operating satellite earth station ga
TRAI - फोटो : Social media

    विस्तार

    भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को 'सैटेलाइट अर्थ स्टेशन गेटवे (एसईएसजी) की स्थापना और संचालन के लिए लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क' की सिफारिश की। ट्राई ने सुझाव दिया कि भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के तहत एक अलग सैटेलाइट अर्थ स्टेशन गेटवे (एसईएसजी) लाइसेंस होना चाहिए, जो कि एसईएसजी लाइसेंस एकीकृत लाइसेंस (यूएल) का हिस्सा नहीं होगा और लाइसेंस राष्ट्रीय स्तर पर होगा। यूनिफाइड लाइसेंस का तात्पर्य है कि एक ग्राहक एकीकृत लाइसेंस ऑपरेटर से सभी प्रकार की टेलीकॉम सेवाएं प्राप्त कर सकता है। बता दें कि ट्राई वित्तीय धोखाधड़ी और फेक कॉल-एसएमएस को रोकने के लिए भी नई टेक्नोलॉजी पर काम करा रहा है।

    ट्राई ने यह भी सिफारिश की कि एसईएसजी लाइसेंसधारी सभी प्रकार के सैटेलाइट सिस्टम के लिए भारत के भीतर कहीं भी एसईएसजी की स्थापना, रखरखाव और वे सभी काम कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार ने अनुमति दी है। साथ ही यह किसी भी इकाई को सैटेलाइट-आधारित संसाधन प्रदान कर सकते हैं, जिसके पास दूरसंचार विभाग (DoT) या सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा सेवाओं के प्रावधान के लिए सैटेलाइट मीडिया का उपयोग करने की अनुमति है। बता दें कि एक सैटेलाइट गेटवे जिसे टेलीपोर्ट या हब के रूप में भी जाना जाता है, एक ग्राउंड स्टेशन होता है जो सैटेलाइट से/स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क को डाटा ट्रांसफर करता है।

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    20 साल के लिए वैध होगा लाइसेंस

    ट्राई की सिफारिशों के अनुसार, एसईएसजी लाइसेंसधारी एक या एक से अधिक सरकार द्वारा अनुमोदित सैटेलाइट सिस्टम के संबंध में SESGs स्थापित कर सकता है। हालांकि, इसे सीधे यूजर्स को किसी भी प्रकार की दूरसंचार सेवा या प्रसारण सेवा प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी, जिसके लिए अलग से लाइसेंस या अनुमति की आवश्यकता होती है। लाइसेंस की वैधता के बारे में जानकारी देते हुए ट्राई ने कहा कि एसईएसजी लाइसेंस जारी होने की दिनांक से 20 साल के लिए वैध होगा, हालांकि इसे 10 साल में रिन्यू कराना होगा।

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    फेक कॉल और एसएमएस से मिलेगा छुटकारा

    ट्राई ने सोमवार को कहा कि वह वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए अन्य नियामकों के साथ एक संयुक्त कार्य योजना के साथ-साथ फेक कॉल और मैसेज का पता लगाने के लिए विभिन्न टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। दरअसल, स्पैम कॉल को रोकने के लिए सरकार ने ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करने की तैयारी कर रही है। ट्राई ने इसके लिए टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशंस-2018 भी जारी किया।

    यह रेगुलेशन सभी वाणिज्यिक प्रमोटर्स और टेली मार्केटर्स को डीएलटी प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने और ग्राहक सहमति लेने के लिए अनिवार्य करता है। यानी ग्राहकों को मैसेज करने के लिए ग्राहक से मंजूरी लेना आवश्यक होगा। उनकी मर्जी के दिन और समय पर ही मैसेज भेजे जा सकेंगे। साथ ही मैसेज भेजने का फॉर्मेट भी तय किया गया है।

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