15 साल बाद बदला एपल का बॉस: टिम कुक ने छोड़ा सीईओ का पद, $4.5 ट्रिलियन की कंपनी की कमान अब जॉन टर्नस के हाथ
एपल में करीब डेढ़ दशक बाद नेतृत्व का बड़ा बदलाव हुआ है। टिम कुक ने सोमवार को एपल के सीईओ पद से विदाई ले ली है और कंपनी की लीडरशिप जॉन टर्नस को सौंप दी है। कुक अब एपल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे, जबकि टर्नस एक सितंबर से सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

विस्तार
टिम कुक करीब 30 साल से एपल से जुड़े हुए हैं और 2011 से कंपनी के सीईओ थे। उन्होंने यह जिम्मेदारी स्टीव जॉब्स की मौत से कुछ हफ्ते पहले संभाली थी। अब उनके सीईओ पद से हटने के साथ एपल एक नए नेतृत्व के दौर में प्रवेश कर रहा है।
टिम कुक ने कहा- पद बदलेगा, एपल के लिए प्यार नहीं
बतौर सीईओ पर अपने आखिरी दिन टिम कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एपल कंम्युनिटी के लिए एक संदेश लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि उनका पद अगले दिन बदल जाएगा, लेकिन एपल कम्युनिटी के लिए उनका प्यार कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने कर्मचारियों को लगातार प्रेरणा देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी कृतज्ञता हमेशा बनी रहेगी।
एपल की मार्केट वैल्यू पहुंची $4.5 ट्रिलियन के पार
- टिम कुक के कार्यकाल में एपल ने जबरदस्त विस्तार किया। सोमवार को एपल की मार्केट वैल्यू 4.5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई। इससे कंपनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रही है।
- कुक के नेतृत्व में एपल का कारोबार केवल मौजूदा प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कंपनी ने हार्डवेयर, चिप्स और अपनी टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को भी लगातार मजबूत किया।
कर्मचारियों को आखिरी मेमो में स्टीव जॉब्स को किया याद
सीईओ के तौर पर कर्मचारियों को भेजे अपने आखिरी मेमो में टिम कुक ने स्टीव जॉब्स को भी याद किया। कुक ने एपल के कर्मचारियों को एक्स्ट्राऑर्डिनरी बताया और कहा कि कंपनी की सफलता उसके कर्मचारियों से ही है। यानी सीइओ का पद छोड़ने पर उन्होंने कंपनी के विस्तार का श्रेय एपल की पूरी टीम को दिया।
एपल के नए सीईओ कौन है?
- अब एपल के 4.5 ट्रिलियन डॉलर की कमान 51 वर्षीय जॉन टर्नस के हाथों में होगी। टर्नस साल 2001 में एपल की डिजाइन टीम में शामिल हुए थे। लंबे करियर के दौरान उन्होंने कंपनी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वह हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने।
- इसके अलावा जॉन टर्नस ने एपल के आईफोन समेत सभी प्रमुख प्रोडक्ट्स की इंजीनियरिंग टीमों का नेतृत्व किया है। एपल के हार्डवेयर कारोबार और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में उनका अनुभव काफी लंबा है। कंपनी के कई बड़े तकनीकी बदलावों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खास तौर पर एपल सिलिकॉन ट्रांजिशन में टर्नस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा हाल के एपल हार्डवेयर प्रोडक्ट्स, जिनमें आईफोन 17 एयर भी शामिल है, में भी उनका योगदान रहा है।
सीईओ बनते ही सामने होगी बड़ी चुनौती
- जॉन टर्नस को नई भूमिका में ज्यादा समय मिलने वाला नहीं है। सीईओ बनने के कुछ ही दिनों बाद एपल का बड़ा सालाना आईफोन इवेंट होने वाला है।
- नौ सितंबर को एपल का वार्षिक आईफोन इवेंट है, जहां कंपनी के नए प्रोडक्ट्स पेश किए जाने की उम्मीद है। इस इवेंट को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहले फोल्डेबल आईफोन के लॉन्च होने की उम्मीद है। ऐसे में सीईओ के तौर पर टर्नस की शुरुआती परीक्षा एपल के सबसे महत्वपूर्ण प्रोडक्ट लॉन्च में से एक के साथ ही हो सकती है।
- टिम कुक ने सीईओ के पद से इस्तीफा दिया है, इसका मतलब यह नहीं है कि इनका कंपनी से सफर अब खत्म हो गया है। वह एपल से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। वह अब कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
- दूसरी ओर जॉन टर्नस सीईटो के रूप में कंपनी की रोजमर्रा की लीडरशिप संभालेंगे। इस बदलाव के साथ एपल में एक ऐसा नेतृत्व सामने आया है, जिसके पास कंपनी के हार्डवेयर, इंजीनियरिंग और एपल सिलिकॉन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का लंबा अनुभव है।