मुश्किलों में TikTok: लगा 3 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना, यूरोप के डाटा गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का आरोप
TikTok पर डाटा चोरी और सुरक्षा के लिए खतरा जैसे आरोप भी हैं। जिसके चलते प्लेटफार्म को भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और डेनमार्क जैसे देशों में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।

विस्तार
चीनी शॉर्ट-फॉर्म वीडियो प्लेटफार्म टिकटॉक (TikTok) पर यूरोप में बड़ी कार्रवाई हुई है। प्लेटफार्म पर यूरोप के डाटा गोपनीयता नियमों के उल्लंघन के आरोप में 368 मिलियन डॉलर यानी करीब 3059 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि इससे पहले टिकटॉक पर डाटा चोरी और सुरक्षा के लिए खतरा जैसे आरोप लगाए गए हैं। जिसके चलते प्लेटफार्म को भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और डेनमार्क जैसे देशों में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
TikTok पर लगा 3 हजार करोड़ का जुर्माना
यूरोपीय नियामकों ने बच्चों की गोपनीयता की रक्षा करने में विफल रहने के लिए टिकटॉक पर 368 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। प्लेटफार्म पर इससे पहले भी डेटा गोपनीयता नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है कि प्लेटफार्म को यूरोप के सख्त डाटा गोपनीयता नियमों का उल्लंघन करने के लिए दंडित किया गया है।
आयरलैंड के डाटा संरक्षण आयोग ने कहा कि वह टिकटॉक पर 345 मिलियन यूरो का जुर्माना लगा रहा है और 2020 की दूसरी छमाही में हुए उल्लंघनों के लिए प्लेटफार्म को फटकार भी लगाई गई है। बता दें कि यह आयोग बिग टेक कंपनियों के लिए प्रमुख गोपनीयता नियामक है, जिसका यूरोपीय मुख्यालय आयरलैंड की राजधानी डबलिन में है।
बच्चों के लिए खतरा है टिकटॉक- नियामक
जांच में पाया गया कि किशोर यूजर्स के लिए साइन-अप प्रक्रिया में ऐसी सेटिंग्स सामने आईं, जिन्होंने उनके अकाउंट को डिफॉल्ट रूप से पब्लिक कर दिया। अकाउंट पब्लिक होने के साथ किसी को भी उनके वीडियो देखने और उन पर कमेंट करने की अनुमति मिल गई। नियामक का कहना है कि डिफॉल्ट सेटिंग्स ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी जोखिम पैदा हो गया, जिन्होंने अनुमति नहीं होने के बावजूद प्लेटफॉर्म तक एक्सेस प्राप्त किया।
नियामक का कहना है कि प्लेटफार्म की सिक्योरिटी पॉलिसी इतनी मजबूत नहीं है और वह फैमिली पेयरिंग फीचर होने के बावजूद भी 16 और 17 वर्ष की आयु के बच्चों को उनके माता-पिता की मर्जी के बिना सीधे मैसेजिंग चालू करने की अनुमति देता था।
नियामक के फैसले से असहमत है टिकटॉक
नियामक के इस जुर्माने के बाद प्लेटफार्म ने अपनी ओर से सफाई दी है। टिकटॉक ने एक बयान में कहा कि वह इस फैसले से असहमत है, खासकर लगाए गए जुर्माने के स्तर से। कंपनी ने बताया कि नियामक की आलोचनाएं तीन साल पुरानी सुविधाओं और सेटिंग्स पर केंद्रित थीं। टिकटॉक ने कहा कि उसने सितंबर 2021 में जांच शुरू होने से काफी पहले बदलाव किए थे, जिसमें 16 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए सभी अकाउंट को डिफॉल्ट रूप से प्राइवेट बनाने और 13 से 15 साल के बच्चों के लिए सीधे मैसेज को ब्लॉक करना शामिल था।