इंसान हारा, मशीन जीती: चीनी के रोबोट ने 9.39 सेकंड में 100 मीटर दौड़कर तोड़ा उसैन बोल्ट का रिकॉर्ड
World Humanoid Robot Games:
चीन के बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में एक बड़ा चमत्कार देखने को मिला है। एक चीनी रोबोट ने महज 9.39 सेकंड में 100 मीटर दौड़कर दिग्गज धावक उसैन बोल्ट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आइए जानते हैं चीन में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में क्या कुछ हो रहा है।

विस्तार
उसैन बोल्ट का नाम दुनिया के सबसे तेज धावक के रूप में दर्ज है। अब तक कोई दूसरा इंसान उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है। लेकिन अब उनका यह रिकॉर्ड टूट चुका है और यह कारनामा करने वाला कोई इंसान नहीं बल्कि एक ह्यूमनॉइड रोबोट है, जिसने 100 मीटर की रेस में उनसे भी कम समय में पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया। बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में तियांगोंग अल्ट्रा नाम के एक रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ सिर्फ 9.39 सेकंड में पूरी की। यह समय बोल्ट के 9.58 सेकंड के वर्ल्ड रिकॉर्ड से कम है।
दिलचस्प बात यह रही कि रेस की शुरुआत में यह रोबोट पीछे चल रहा था। लेकिन आखिरी हिस्से में उसने तेज रफ्तार पकड़कर ऑनर कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट 'लाइटनिंग' को पीछे छोड़ दिया। लाइटनिंग ने भी 9.47 सेकंड का समय लिया, जो बोल्ट के रिकॉर्ड से तेज है।
रिकॉर्ड तोड़ने के बाद रोबोटों को रोकना पड़ा भारी
- रोबोटों ने इंसानी रिकॉर्ड तो तोड़ दिया, लेकिन दौड़ खत्म होने के बाद उनकी मुश्किलें सामने आ गईं। तियांगोंग अल्ट्रा तेज रफ्तार में आगे बढ़ता हुआ सुरक्षा के लिए लगाए गए मोटे मैट से जा टकराया और लड़खड़ाने लगा। उसकी हरकत देखकर आसपास मौजूद लोगों को पीछे हटना पड़ा।
- दूसरी ओर, लाइटनिंग भी दौड़ खत्म करने के बाद जमीन पर गिर गया और उसे स्ट्रेचर की मदद से वहां से ले जाना पड़ा। यानी रोबोटों ने दौड़ने की क्षमता में बड़ी छलांग लगाई है, लेकिन तेज गति से खुद को नियंत्रित करके सुरक्षित तरीके से रुकना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
ट्रैक पर रोबोट्स ने लगाई दौड़
पिछले साल के मुकाबले बहुत बड़ी छलांग
- तियांगोंग अल्ट्रा की इस उपलब्धि को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल इसी प्रतियोगिता में उसने 100 मीटर की दौड़ 21.50 सेकंड में पूरी की थी। एक साल के भीतर उसका समय आधे से भी कम हो गया। यह ह्यूमनॉइड रोबोट तकनीक में हो रही तेजी से प्रगति का बड़ा संकेत है।
- वहीं, प्रतियोगिता से पहले हुए एक परीक्षण में ऑनर का लाइटनिंग रोबोट 9.32 सेकंड का समय भी दर्ज कर चुका था। कंपनी के मुताबिक उस दौरान उसकी अधिकतम गति करीब 14.5 मीटर प्रति सेकंड रही। हालांकि यह समय आधिकारिक रेस के नतीजे से अलग परीक्षण का था।
सिर्फ दौड़ नहीं, 51 मुकाबलों में रोबोटों की ताकत का प्रदर्शन
- बीजिंग में हो रहा यह आयोजन केवल 100 मीटर की दौड़ तक सीमित नहीं है। दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में कुल 51 स्पर्धाएं रखी गई हैं। इनमें फुटबॉल, टेबल टेनिस, नृत्य, भार उठाने और औद्योगिक काम से जुड़े मुकाबले भी शामिल हैं। इस बार प्रतियोगिता में 16 देशों की 666 टीमें और 2,056 रोबोट हिस्सा ले रहे हैं।
- प्रतियोगिता का आयोजन बीजिंग के नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में किया जा रहा है। भाग लेने वाले देशों में जर्मनी, जापान और अमेरिका भी शामिल हैं।
चीन के लिए रणनीतिक उद्योग बन रही ह्यूमनॉइड रोबोट तकनीक
- चीन ह्यूमनॉइड रोबोट को केवल तकनीकी प्रदर्शन के तौर पर नहीं देख रहा है। यह क्षेत्र उसके लिए तेजी से एक रणनीतिक उद्योग बनता जा रहा है। निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। चीन की प्रमुख ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी यूनिट्री ने शेयर बाजार में शुरुआत के दौरान अपने मूल्यांकन में कई गुना उछाल देखा और उसका बाजार मूल्य करीब 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
- हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक, ह्यूमनॉइड रोबोट अभी बड़े पैमाने पर व्यावहारिक इस्तेमाल से काफी दूर हैं। फिलहाल इनका उपयोग मुख्य रूप से प्रदर्शन, शोध और तकनीकी प्रयोगों में हो रहा है। फिर भी रफ्तार, संतुलन, स्वायत्त संचालन और इंसानी गतिविधियों की नकल करने की क्षमता में तेजी से हो रहा सुधार इस उद्योग के भविष्य की ओर बड़ा संकेत देता है।
आने वाले समय में बदल सकती है रोबोटिक्स की तस्वीर
बीजिंग की इस दौड़ ने सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं तोड़ा है, बल्कि यह भी दिखाया है कि ह्यूमनॉइड रोबोट कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज मशीनें इंसानी एथलेटिक रिकॉर्ड को चुनौती दे रही हैं और आने वाले समय में यही तकनीक कारखानों, गोदामों, डिलीवरी, घरेलू काम और दूसरी वास्तविक दुनिया की जरूरतों में ज्यादा दिखाई दे सकती है।
- डिजिटल स्ट्राइक: साइबर ठगों पर सरकार का बड़ा प्रहार, 5 महीने में ब्लॉक किए करीब 3 लाख खतरनाक URL
- 10 साल बाद नहीं बचेंगे कॉलेज: गूगल के पूर्व अधिकारी की भविष्यवाणी, कहा- AI कर देगा बड़ा उलटफेर
- सैमसंग फैंस का इंतजार खत्म: 27 अगस्त को लॉन्च होगा Galaxy S26 FE, Exynos 2500 चिपसेट से साथ मिलेंगे एआई फीचर्स
- Report: एपल को पछाड़कर क्या फिर 'किंग' बनेगा सैमसंग? महंगे पार्ट्स के बावजूद चीन की कंपनियों का बुरा हाल