Startup India: क्या भारत में फिर लौटेंगे टिकटॉक जैसे एप्स ? स्टार्टअप इंडिया और अलीबाबा की डील ने छेड़ी नई बहस
Startup India Alibaba Partnership:
भारत सरकार ने एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए चीन की दिग्गज कंपनी Alibaba.com के साथ हाथ मिलाया है। जहां एक तरफ टिकटॉक जैसे एप्स पर ताला लटका है, वहीं स्टार्टअप्स को ग्लोबल मार्केट दिलाने के लिए सरकार का ये कदम चर्चा का विषय बन गया है। इससे लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इससे टिकटॉक की वापसी की राह बनेगी? जानिए विस्तार से....

विस्तार
भारत सरकार ने स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए चीन के बीटूबी प्लेटफॉर्म Alibaba.com के साथ सीमित साझेदारी की है। ये सहयोग सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत किया गया है। हालांकि, उपभोक्ता एप्स पर 2020 से लगी पाबंदियां अब भी कायम हैं और टिकटॉक की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं हैं।
एक्सपोर्ट पर फोकस, कंज्यूमर एप्स से दूरी
ये साझेदारी सीधे उपभोक्ताओं के लिए नहीं है। Alibaba.com एक बीटूबी (बिजनेस-टू-बिजनेस) प्लेटफॉर्म है, जो 200 से अधिक देशों में 5 करोड़ से ज्यादा एक्टिव बायर्स को सप्लायर्स से जोड़ता है। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य है कि भारतीय स्टार्टअप्स और एमएसएमई अपने प्रोडक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकें। इसलिए साफ कहा गया है कि ये कदम निर्यात बढ़ाने और ग्लोबल मार्केट एक्सेस देने के लिए है। इसका उपभोक्ता एप्स की वापसी से कोई संबंध नहीं है।
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2020 के बाद बदला डिजिटल माहौल
साल 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन तनाव के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर कई चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाया था। इनमें टिकटॉक, पब्जी मोबाइल और अली एक्सप्रेस शामिल थे। आज की बात करें तो इस सहयोग से उसी सख्त नीति में ढील नहीं, बल्कि सीमित और नियंत्रित व्यावसायिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
तो क्या टिकटॉक की वापसी होगी?
टेक इंडस्ट्री में इस सवाल को लेकर काफी चर्चाएं है कि ये साझेदारी आगे चलकर टिकटॉक की वापसी का संकेत हो सकती है। जिसे लेकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है नहीं, बैन अभी भी जारी है। पिछले छह वर्षों में भारत का शॉर्ट वीडियो मार्केट काफी बदल चुका है। अब इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का दबदबा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर आगे चलकर कभी वापसी होती भी है, तो वह कड़े स्थानीय नियंत्रण या डाटा लोकलाइजेशन मॉडल के साथ ही संभव होगी। फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है।
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सुरक्षा से समझौता कोई नहीं
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सरकार एक संतुलित रणनीति पर काम कर रही है। एक ओर सरकार निर्यात बढ़ाने और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर फोकस कर रही है, जिसके तहत स्टार्टअप इंडिया के जरिए Alibaba.com जैसे बीटूबी प्लेटफॉर्म से सीमित साझेदारी की गई है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई ढील नहीं दी गई है और टिकटॉक जैसे उपभोक्ता एप्स पर लगी पाबंदियां अब भी जारी हैं। यानि भारत आर्थिक अवसरों का फायदा उठाना चाहता है, लेकिन सुरक्षा से समझौता किए बिना और सहयोग को केवल व्यापारिक दायरे तक सीमित रखते हुए।