Data Protection Bill: व्हाट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा? "आसमान नहीं गिरने वाला है"
न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया। मेहता ने कहा कि संसद के चालू सत्र के दूसरे भाग में डाटा प्रोटेक्शन बिल 2022 पेश किए जाने की संभावना है।

विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ सुनवाई के दौरान कहा कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या कोर्ट को व्हाट्सएप के खिलाफ याचिका पर विचार करना चाहिए या यह केवल "अकादमिक" कवायद होगी। कोर्ट ने यह बात केंद्र द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद कि वह बजट सत्र में डाटा संरक्षण बिल लाने जा रहा है, के बाद कही। यानी इस मामले पर नए डाटा प्रोटेक्शन बिल 2022 के आने तक सुनवाई को स्थगित किया जा सकता है। बता दें कि कल यानी एक फरवरी को देश का बजट 2023-24 पेश होना है।
न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया। मेहता ने कहा कि संसद के चालू सत्र के दूसरे भाग में डाटा प्रोटेक्शन बिल 2022 पेश किए जाने की संभावना है। जिसके बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि बिल के पेश होने का इंतजार करने में कोई हर्ज नहीं है और "आसमान नहीं गिरने वाला है"। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी।
जस्टिस अजय रस्तोगी, अनिरुद्ध बोस, हृषिकेश रॉय और सी टी रविकुमार की बेंच ने कहा, "क्या यह केवल अकादमिक अभ्यास नहीं होगा"। कोर्ट ने कहा कि जिस याचिका पर सुनवाई की जा रही है, वह कानून का विषय बनने जा रहा है। लेकिन हम यह सुझाव देने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या एक विधायी ढांचा उपलब्ध है और अगर सरकार विचार कर रही है, तो क्या हमें अभी यह अभ्यास करना चाहिए। यानी कोर्ट डाटा संरक्षण बिल के आने तक इस मामले पर अपने फैसले को रोक सकती है।
ये है पूरा मामला
दरअसल, हाल ही में मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी जारी की थी, जिसमें तहत यूजर्स को बेहतर सुविधा देने के लिए उनकी निजी जानकारी को फैमिली एप फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म के साथ शेयर किया जा सकता है।
हालांकि व्हाट्सएप ने ये भी कहा था कि नई पॉलिसी सिर्फ बिजनेस अकाउंट के लिए है यानी यदि आप किसी बिजनेस अकाउंट (व्हाट्सएप बिजनेस) से व्हाट्सएप पर चैट करते हैं तो सिर्फ वही डाटा कंपनी लेगी और अन्य कंपनियों के साथ शेयर करेगी। जिसके बाद दो छात्रों ने व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी में यूजर का पर्सनल डाटा फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म को साझा करने को गलत, उनकी गोपनीयता और फ्री स्पीच का उल्लंघन बताकर इसे न्यायालय में चुनौती दी है।