PhonePe: फोनपे ने माइक्रोसॉफ्ट फाउंड्री के साथ एआई-संचालित नेचुरल लैंग्वेज सर्च किया लॉन्च
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने कहा कि भारत में नेचुरल लैंग्वेज इंटरफेस तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और यह सहयोग डिजिटल पेमेंट को अधिक सहज और सुलभ बनाएगा।यह फीचर चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में लागू किया जाएगा और एप के ग्लोबल सर्च बार, हेल्प सेंटर और हिस्ट्री टैब के जरिए उपलब्ध होगा।

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फोनपे ने शनिवार को माइक्रोसॉफ्ट फाउंड्री आधारित एक नया एआई-संचालित नेचुरल लैंग्वेज सर्च फीचर लॉन्च किया है। इससे यूजर्स साधारण आवाज या टेक्स्ट कमांड के जरिये एप में आसानी से नेविगेट (संचालन) कर सकते हैं, भुगतान कर सकते हैं और अपने ट्रांजैक्शन ट्रैक कर सकते हैं।
कंपनी के अनुसार, यह फीचर डिजिटल पेमेंट को अधिक सरल, तेज़ और सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार किया गया है। इस फीचर के जरिए पारंपरिक मेन्यू-आधारित संचालन की जगह अब इंटेंट-आधारित रूटिंग मिलेगी। इससे यूजर बातचीत की तरह अपने काम पूरे कर सकेंगे। जैसे हेमंत को 20 रुपये भेजो कहने पर सीधे भुगतान स्क्रीन खुलेगी और सही रिसीवर पहले से चयनित होगा।
केवल आवाज से ही कर सकेंगे ये काम
वहीं, फॉस्टटैग रिचार्ज या सोने का भाव टाइप करने पर यूजर सीधे संबंधित सेवा या जानकारी पेज पर पहुंच जाएगा। यह टूल केवल सर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यूजर के इरादे को समझकर भुगतान, खरीदारी या सहायता से जुड़े कामों को पूरा करता है। यह ऑन-डिवाइस और क्लाउड-आधारित हाइब्रिड मॉडल पर काम करता है, जिससे यूजर का कोई भी निजी या ट्रांजैक्शन डाटा फोनपे के सुरक्षित वातावरण से बाहर नहीं जाता।
फोनपे के संस्थापक और सीटीओ राहुल चारी ने कहा कि यह लॉन्च पेमेंट एप्स को केवल लेन-देन तक सीमित रखने की सोच से आगे बढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि एआई की मदद से कंपनी ऐसा इंटरफेस बना रही है, जो यूजर की जरूरतों को पहले ही समझ ले।
लोकप्रिय हो रहे नेचुरल लैंग्वेज इंटरफेस
वहीं माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने कहा कि भारत में नेचुरल लैंग्वेज इंटरफेस तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और यह सहयोग डिजिटल पेमेंट को अधिक सहज और सुलभ बनाएगा।यह फीचर चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में लागू किया जाएगा और एप के ग्लोबल सर्च बार, हेल्प सेंटर और हिस्ट्री टैब के जरिए उपलब्ध होगा।
2016 में स्थापित फोनपे के पास सितंबर 2025 तक 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट आउटलेट्स का नेटवर्क है।