Sanchar Sathi: संचार साथी एप के जरिए छह लाख से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए, जानिए कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल
दूरसंचार विभाग की संचार साथी पहल ने 6 लाख से अधिक खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन रिकवर किए। जानें कैसे एप नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा, ट्रेसिंग और ब्लॉकिंग की सुविधा दे रहा है।

विस्तार
दूरसंचार विभाग की संचार साथी पहल मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के खिलाफ एक बड़ी सफलता की कहानी बन रही है। इस एआई-संचालित प्लेटफॉर्म की मदद से देशभर में अब तक 6 लाख से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं।क्या है संचार साथी पोर्टल?
संचार साथी एक सरकारी वेब पोर्टल है जिसका संचालन दूरसंचार विभाग करता है। इसका इस्तेमाल खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने, ब्लॉक करने और रिकवर करने के लिए डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट किए गए मोबाइल फोन को पैन इंडिया ब्लॉक किया जाता है। जैसे ही किसी चुराए गए मोबाइल में सिम इस्तेमाल होता है वो ऑटोमैटिक ट्रेस हो जाती है। जिसके बाद फोन के मालिक और संबंधित पुलिस स्टेशन को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। अगर सफलता की बात करें तो इस इकलौते पोर्टल ने अगस्त 2025 तक 37 लाख से अधिक मोबाइल उपकरणों को सफलतापूर्वक ब्लॉक करने में मदद की है, जिससे लाखों फोन वापस मिल सके हैं।कैसे काम करता है संचार साथी पोर्टल?
इसमें सीआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) मॉड्यूल का इस्तेमाल होता है, जो एक सेंट्रल सिस्टम है। यह मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर के आधार पर ट्रैक और मैनेज करता है। अगर आपका फोन खो जाता है, तो पहले आपको पुलिस में एफआईआर दर्ज करनी होगी और फिर इस पोर्टल पर शिकायत करनी होगी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस और टेलीकॉम ऑपरेटर फोन को ढूंढ सकते हैं और चोरी हुए फोन को ब्लॉक कर सकते हैं।
संचार साथी की अन्य सुविधाएं
- चक्षु: इस पर संदिग्ध फ्रॉड कॉल या मैसेज रिपोर्ट को रिपोर्ट कर सकते हैं
- नो योर मोबाइल कनेक्शन: इससे कितने कनेक्शंस सक्रिय हैं इसकी पुष्टि कर सकते हैं
- वाइस ऑथेंटिसिटी वेरिफिकेशन: इससे आईइएमआई की जांच कर सकते हैं
- इंटरनेशनल कॉल रिपोर्टिंग: इससे संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल रिपोर्ट कर सकते हैं
- ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट डिटेल्स: इसके जरिए बैंक और वित्तीय संस्थानों के सत्यापित संपर्क प्राप्त कर सकते हैं।
- संचार साथी एप में भाषा का भी ध्यान रखा गया है, एप हिंदी, अंग्रेजी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।
बढ़ती रिकवरी दर से साबित हुई कामयाबी
प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती रिकवरी दर यह दर्शाती है कि यह तकनीक नागरिकों के हित में कितनी उपयोगी है। इस पहल ने न केवल चोरी हुए मोबाइल वापस दिलाए हैं, बल्कि लोगों का डिजिटल गवर्नेंस पर भरोसा भी मजबूत किया है।दूरसंचार विभाग की नागरिकों से अपील
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उनका मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो वे तुरंत संचार साथी पोर्टल या मोबाइल एप पर रिपोर्ट दर्ज करें। ऐसा करने से न केवल फोन बरामद होने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि फोन के गलत इस्तेमाल से भी बचाव होगा।
संचार साथी एप की सफलता यह साबित करती है कि तकनीक और प्रशासनिक सहयोग मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। आने वाले समय में यह पहल और अधिक प्रभावी होते हुए मोबाइल चोरी की घटनाओं को और कम कर सकती है।