Report: क्या भारत में AI का फायदा सिर्फ बड़े शहरों को मिल रहा? ChatGPT की रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Fri, 17 Apr 2026 06:48 PM IST
सार

OpenAI India report 2026

: भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एआई मार्केट में शामिल हो चुका है, लेकिन नई रिपोर्ट बताती है कि इस टेक्नोलॉजी का फायदा अभी भी सीमित इलाकों तक ही पहुंच रहा है।

OpenAI's India Report: ChatGPT Usage Highly Concentrated Top Cities
ChatGPT - फोटो : X

    विस्तार

    AI capability gap India:

    ओपनएआई की नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका फायदा देशभर में समान रूप से नहीं पहुंच रहा। करीब 50% चैटजीपीटी यूजर्स सिर्फ 10 बड़े शहरों में केंद्रित हैं, जिससे एआई कैपेबिलिटी साफ नजर आता है। ओपनएआई की ओर से जारी स्टडी में सामने आया है कि भारत में चैटजीपीटी के लगभग 50% यूजर्स सिर्फ टॉप 10 शहरों में रहते हैं, जबकि इन शहरों की आबादी देश की कुल आबादी का सिर्फ 10% है।

    क्या है एआई कैपेबिलिटी गैप?

    इस रिपोर्ट में एक शब्द एआई कैपेबिलिटी गैप सामने आया है। ओपनएआई की सीईओ (एप्लीकेशन्स) फिजी सिमो (Fidji Simo) ने इसे बहुत ही दिलचस्प तरीके से समझाया है। यहां कैपेबिलिटी गैप का मतलब है एआई मॉडल्स जैसे चैटजीपीटी, जो करने में सक्षम हैं और जो हम असल में उसका उपयोग कर रहे हैं, उनके बीच का अंतर। 2026 को ओपनएआई ने इसी गैप को भरने का साल माना है, ताकि एआई केवल कोडिंग तक सीमित न रहकर आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान बन सके।

    रिपोर्ट के मुताबिक भारत कोडिंग, डेटा एनालिसिस और रीजनिंग में दुनिया के एडवांस्ड देशों में शामिल है, लेकिन एआई का इस्तेमाल अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील और जर्मनी के मुकाबले भारत में ज्यादा केंद्रित है। यानी, कुछ शहरों में बहुत ज्यादा उपयोग और बाकी जगहों पर कम हो रहा है।

    कोडिंग और टेक में एआई का असर

    एआई टूल्स का इस्तेमाल खासतौर पर टेक हब्स में ज्यादा हो रहा है। जिसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई जैसे शहर शामिल हैं। यहां पर कोडेक्स (AI कोडिंग टूल) का उपयोग लॉन्च के दो हफ्तों में भारत में 4 गुना बढ़ गया, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल 9 गुना तक अलग है।

    शिक्षा में AI का बढ़ता इस्तेमाल

    यहां पर अच्छी बात यह है कि कुछ कम विकसित माने जाने वाले राज्यों में एआई का इस्तेमाल शिक्षा के लिए ज्यादा हो रहा है। इसमें असम, ओडिशा, मणिपुर, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़ जैसे शहरों के नाम सामने आए हैं। असम में चैटजीपीटी के 22 प्रतिशत मैसेज शिक्षा से जुड़े होते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।

    हेल्थकेयर में भी बढ़ रहा उपयोग

    जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में लोग स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के लिए एआई का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में हर 10 में से 1 सवाल हेल्थ से जुड़ा होता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में चैटजीपीटी के 100 मिलियन+ वीकली एक्टिव यूजर्स हैं। यह OpenAI के सबसे बड़े बाजारों में से एक बन चुका है।

    OpenAI के मैनेजिंग डायरेक्टर (इंटरनेशनल) ओलिवर जे ने साफ कहा है कि अब चुनौती यह है कि AI के फायदे उन लोगों तक कैसे पहुंचें जो अभी तक इससे दूर हैं। इस कैपेबिलिटी गैप को बंद करने के लिए तीन चीजों की जरूरत है। बेहतर एक्सेस, स्किल डेवलपमेंट और अर्थपूर्ण उपयोग। AI को इक्वलाइजर (बराबरी लाने वाला) कहा जाता है, लेकिन अगर तकनीक सिर्फ बड़े शहरों के डेवलपर्स के पास रहेगी, तो यह बराबरी कैसे आएगी? भारत की युवा आबादी इस अंतर को मिटाने की चाबी है।

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