SIM Swap: नई सिम लगाते ही क्यों बंद हो जाते हैं बैंक OTP? नेटवर्क की समस्या या कुछ और, जानें 24 घंटे वाला रूल

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sat, 23 May 2026 05:06 PM IST
सार

SIM swap rule TRAI

: अगर आपने हाल ही में सिम बदली है, ई-सिम एक्टिव कराया है या पुरानी खराब सिम काे रिप्लेस करवाया है, तो क्या आपका भी बैंक OTP, UPI वेरिफिकेशन या SMS अलर्ट आना बंद हो गया है। तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, यह आपके ऑपरेटर या फोन की खराबी नहीं है, बल्कि ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए ट्राई (TRAI) की ओर से बनाया गया एक बेहद जरूरी और कड़ा सरकारी नियम है। जानें क्यों होता है ऐसा और सेवाएं कब तक सामान्य होंगी ।

विज्ञापन
No Bank OTP or UPI Working After Changing Your SIM? It’s Government Rule
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Why bank OTP stops after new SIM:

    जब हम नया सिम कार्ड लेते हैं, पुरानी सिम को रिप्लेस कराते हैं, या फिर फिजिकल सिम से eSIM पर शिफ्ट होते हैं, तो एक अजीब सी समस्या सामने आती है। अचानक हमारे बैंक अलर्ट, UPI एप्स का एक्टिवेशन और सबसे जरूरी चीज, नेट बैंकिंग के OTP (One Time Password) आने पूरी तरह बंद हो जाते हैं। अक्सर लोग इस नेटवर्क की खराबी या सिम का एक्टिवेट न होना मानकर परेशान होने लगते हैं, कोई - कोई तो कस्टमर केयर को भी फोन मिला देता है। बहुत से लोगों को नहीं पता होता कि यह सोच-समझकर तैयार की गई सरकारी सुरक्षा व्यवस्था है, जो आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखने के लिए काम करती है।

    क्या है 24 घंटे का एसएमएस ब्लॉक नियम और क्यों है यह जरूरी?

    ट्राई यानी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अनिवार्य नियमों के अनुसार, जैसे ही कोई यूजर सिम रिप्लेसमेंट, सिम स्वैप या eSIM ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करता है, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को उस नंबर पर अगले 24 घंटे के लिए इनकमिंग (आने वाले) और आउटगोइंग (जाने वाले) एसएमएस सेवाओं को पूरी तरह से ब्लॉक करना पड़ता है। इस कड़े नियम को लागू करने का एकमात्र उद्देश्य ग्राहकों को सिम स्वैप फ्रॉड (eSIM / SIM Swap Fraud) जैसी खतरनाक धोखाधड़ी से बचाना है।

    विज्ञापन

    सिम स्वैप फ्रॉड कैसे काम करता है ?

    • इसमें साइबर अपराधी किसी दूसरे व्यक्ति के पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल करके या ऑपरेटर को धोखा देकर उसके फोन नंबर का एक डुप्लिकेट सिम कार्ड निकलवा लेते हैं। जैसे ही अपराधी के पास डुप्लिकेट सिम एक्टिवेट होती है, असली यूजर के फोन का नेटवर्क चला जाता है। इसके बाद अपराधी उस नंबर पर आने वाले बैंक OTP और अलर्ट्स को आसानी से हासिल कर उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और बैंकिंग ऑथेंटिकेशन को बायपास करके पूरा का पूरा बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।
    • ट्राई का 24 घंटे का एसएमएस ब्लॉक नियम इसी फ्रॉड को निष्क्रिय करने की कोशिश करता है। इसी नियम की वजह से भले ही कोई जालसाज आपकी डुप्लिकेट सिम निकलवाने में कामयाब हो जाए, लेकिन वह अगले 24 घंटे तक उस पर कोई भी SMS या OTP प्राप्त नहीं कर पाएगा। इससे असली यूजर को धोखाधड़ी का पता लगाने और अपने नंबर व बैंक खाते को ब्लॉक कराने के लिए एक लंबा समय (विंडो) मिल जाता है, जिससे दुरुपयोग की गुंजाइश न के बराबर रह जाती है। 24 घंटे की यह समय सीमा पूरी होते ही आपकी SMS सेवाएं बिना कुछ किए अपने आप बहाल हो जाती हैं।

    इस दौरान क्या-क्या काम नहीं करेगा?

    जब आपके नंबर पर यह एसएमएस ब्लॉक लागू रहता है, तब आपकी कई डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं पर सीधा असर पड़ता है, जैसे UPI एप्स-पे, फोन-पे। ये सभी डिजिटल पेमेंट एप्स लॉगिन या री-एक्टिवेशन के समय आपके बैकग्राउंड से एक गुप्त एसएमएस भेजकर वेरिफिकेशन करते हैं। ब्लॉक पीरियड के दौरान आप इन एप्स में न तो लॉगिन कर पाएंगे और न ही इन्हें दोबारा चालू कर पाएंगे।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से जुड़ा कोई भी ऐसा ऑनलाइन लेन-देन जो पूरी तरह से मोबाइल OTP पर निर्भर है, इस दौरान पूरा नहीं हो सकेगा। वहीं, खाते से पैसे कटने या जमा होने पर आने वाले रूटीन टेक्स्ट मैसेज (Alerts) भी इस दौरान नहीं मिलेंगे।

    ब्लॉक हटने के बाद क्या करें?

    जैसे ही सिम एक्टिवेशन के 24 घंटे पूरे हो जाएं, आपको कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं है। बस अपने UPI एप को दोबारा ओपन करें और सामान्य तरीके से वेरिफिकेशन प्रोसेस को शुरू करें। एप आपके डिवाइस से एक ऑटोमैटिक एसएमएसं भेजकर आपके नंबर की पुष्टि कर लेगा और आपकी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाएं पहले की तरह तुरंत बहाल हो जाएंगी।

    किन स्थितियों में अलग प्रक्रिया होगी?

    • सबसे पहले आपको अपनी संबंधित बैंक ब्रांच में जाकर केवाईसी (KYC) फॉर्म के जरिए अपना नया मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड या अपडेट करवाना होगा।
    • बैंक में नंबर अपडेट होने के बाद, आपको अपने इस नए नंबर से यूपीआई आईडी को दोबारा नए सिरे से रजिस्टर करना होगा।
    • जैसे ही नया नंबर एक्टिवेट होगा, आपका पुरानायूपीआई आईडी आपके पुराने नंबर के साथ हमेशा के लिए काम करना बंद कर देगा।
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें