Neuralink: जल्द शुरू होगा इंसानों पर ट्रायल, पैरालाइज मरीजों के दिमाग में एलन मस्क लगाएंगे चिप

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 20 Sep 2023 11:44 AM IST
सार

Neuralink ने इससे पहले बंदरों के दिमाग में चिप का ट्रायल कर लिया है और वह ट्रायल सफल रहा है। Neuralink के इस ट्रायल में गर्दन में चोट से पीड़ित मरीजों और एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) के मरीजों को शामिल किया जाएगा।

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Neuralink to start human trial will test its brain chip in paralysis patients
Neuralink Chip - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    मई 2023 में एलन मस्क की कंपनी Neuralink को अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से इंसानों पर चिप के ट्रायल की मंजूरी मिली थी और इंसानों पर इसका ट्रायल शुरू होने जा रहा है। Neuralink ने अब इसके लिए ऐसे मरीजों की तलाश शुरू कर दी है जिनपर चिप का ट्रायल किया जा सकेगा। यह स्टडी 6 साल के लिए है और इसे पैरालाइज मरीजों को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाएगा।

    Neuralink ने इससे पहले बंदरों के दिमाग में चिप का ट्रायल कर लिया है और वह ट्रायल सफल रहा है। Neuralink के इस ट्रायल में गर्दन में चोट से पीड़ित मरीजों और एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) के मरीजों को शामिल किया जाएगा।

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    इस स्टडी के दौरान सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। स्टडी के दौरान इंसानी सोच के आधार पर कंप्यूटर और कीबोर्ड काम करेंगे। इस स्टीड के लिए रोबोट की मदद से इंसानों के दिमाग में चिप को इंप्लांट किया जाएगा। अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इस स्टडी में कितने मरीजों को शामिल किया जाएगा, हालांकि इससे पहले कंपनी ने एफडीए से 10 लोगों पर ट्रायल की इजाजत ली है।

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    फिलहाल एफडीए और Neuralink के बीच इसके लिए मोलभाव भी चल रहा है। ट्रायल के बाद भी इसे पूरी तरह उपयोग में लाने में कम-से-कम एक दशक का वक्त लगेगा।

    Neuralink की यह ब्रेन इंप्लांट टेक्नोलॉजी कई मायनों में बहुत ही उपयोगी साबित होने वाली है। दिमाग में चिप लगाकर कई मरीजों की काफी मदद की जा सकती है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो जो बोलने में असमर्थ हैं, या जो दिमागी रूप से सक्षम नहीं हैं, इसके अलावा लकवाग्रस्त मरीजों के लिए यह वरदान साबित होगा।

    FDA को Neuralink के साथ सबसे बड़ी समस्या चिप में मौजूद लिथियम बैटरी को लेकर है। एफडीए का कहना है कि किसी भी कारण से यदि दिमाग में चिप की बैटरी लीक होती है तो उसके परिणाम भयावह हो सकते हैं। Neuralink के चिप के साथ सबसे बड़ा चैलेंज दिमाग की कोशिकाओं को लेकर है।

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