एंड्रॉयड मामले में NCLAT के आदेश ने मेक इन इंडिया और स्टार्टअप ग्रोथ विजन की नींव रखी, ASG एन. वेंकटरमन
NCLAT ने एंड्रायड में अपनी मजबूत स्थिति के दुरुपयोग के लिए गूगल को जुर्माना भरने और आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।

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अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने एंड्रॉयड मामले में NCLAT के आदेश का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल का यह फैसला 'फ्री इनोवेशन' के लिए मार्केट खोलेगा और इसे मजबूत स्थिति के दुरुपयोग पर वैश्विक मुद्दों में इसे उदाहरण के रूप में पेश किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में NCLAT ने एंड्रायड में अपनी मजबूत स्थिति के दुरुपयोग के लिए गूगल को जुर्माना भरने और आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।
ASG ने फैसले को बताया उदाहरण
एंड्रॉयड मामले में गूगल के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की तरफ से कानूनी लड़ाई का नेतृत्व करने वाले वेंकटरमन ने कहा कि नियामक के छह निर्देश जिन्हें एनसीएलएटी ने बरकरार रखा था, उनके अंतर्गत अनुचित व्यापार के तरीकों को हल करने के लिए सुझाए गए उपायों में से लगभग 99 प्रतिशत उपायों की सिफारिश की गई थी। यह अनुचित व्यावसायिक तरीकों को संबोधित करते हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "जब दबदबे या एकाधिकार का दुरुपयोग खत्म हो जाता है, तो यह वैज्ञानिक विकास और नवाचार के लिए मुक्त और निष्पक्ष बाजार का रास्ता खोलता है और पूर्वाग्रह को खत्म करता है। यहां स्टार्टअप, ओईएम (ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) और उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प हैं।"
मेक इन इंडिया के लिए NCLAT का फैसला अहम
उन्होंने कहा कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के फैसले ने मेक इन इंडिया और स्टार्टअप ग्रोथ के दोहरे विजन की नींव रखी है। बता दें कि एनसीएलएटी ने सीसीआई के अक्टूबर, 2022 के आदेश के खिलाफ गूगल की अपील पर फैसला सुनाते हुए एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अपने मजबूत स्थिति के दुरुपयोग के लिए इंटरनेट कंपनी पर 1,338 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा है। इसके साथ ही अपीलीय न्यायाधिकरण ने नियामक द्वारा सुझाए गए छह उपायों को बरकरार रखा, जबकि चार अन्य को खारिज कर दिया गया है।
क्या है NCLAT का फैसला?
एनसीएलएटी ने हाल ही में गूगल मामले में अपना फैसला सुनाया है। एनसीएलएटी ने एंड्रायड में अपनी मजबूत स्थिति के दुरुपयोग के लिए गूगल पर सीसीआई के आदेश को बरकरार रखा है। दरअसल, सीसीआई ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। अब एनसीएलएटी ने कंपनी को जुर्माना भरने और आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ, चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य आलोक श्रीवास्तव ने गूगल को निर्देशों का पालन करने और जुर्माना राशि तीस दिन के भीतर जमा करने को कहा है। हालांकि, पीठ ने आयोग के आदेश में कुछ संशोधन भी किये हैं।