CCTV के जरिए सेंधमारी अब नामुमकिन: सरकार ने विदेशी कैमरों की जासूसी पर कसा शिकंजा; लागू हुए नए सुरक्षा मानक
Government Ban on Foreign CCTV:
भारत सरकार ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सीसीटीवी सिस्टम, टेलीकॉम नेटवर्क और डाटा सुरक्षा के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं। साथ ही 652 मोबाइल एप्स को बैन कर साइबर खतरों पर सख्ती दिखाई गई है।

विस्तार
लगातार बढ़ रहे साइबर खतरों को देखते हुए भारत सरकार ने देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित बनाने के लिए खास कदम उठाए हैं। नागरिकों को सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से टेलीकॉम, डेटा सुरक्षा, CCTV सिस्टम और साइबर निगरानी से जुड़े कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। जैसे साइबर खतरों से निपटने के लिए सीसीटीवी (CCTV) और टेलीकॉम नेटवर्क के लिए नए अनिवार्य तकनीकी मानक अधिसूचित किए हैं। अब सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल करने के लिए एसओसी यानी सिस्टम ऑन चिप का विवरण देना पड़ेगा। इसके अलावा डाटा सुरक्षा का उल्लंघन करने पर करीब 652 मोबाइल एप्स को ब्लॉक किया गय है। यह निर्देश CERT-In ने जुलाई 2025 में सॉफ्टवेयर और एआई (AI) सुरक्षा के लिए नए बिल ऑफ मटेरियल्स (BOM) में भी जारी किए हैं।
टेलीकॉम नेटवर्क पर सख्ती
अब आप कहीं से भी टेलीकॉम उपकरण नहीं खरीद सकेंगे, क्योंकि भारत सरकार ने टेलीकॉम नेटवर्क को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रस्टड सोर्स नीति लागू की है। इसके अलावा टेलीकॉम एक्ट 2023 को भी लागू किया गया है, जिसमें नेटवर्क सुरक्षा के लिए विस्तृत प्रावधान शामिल हैं।
डेटा सुरक्षा को मिला कानूनी आधार
डिजिटल डाटा की सुरक्षा आजकल की सबसे बड़ी समस्या मानी जा रही है। जिसे देखते हुए सरकार ने डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटक्शन एक्ट 2022 लागू किया है। इसमें डाटा का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CCTV सिस्टम के लिए नए नियम
हाल के समय में सीसीटीवी हैकिंग के कई केस सामने आए है, ऐसे में इसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसलिए सरकार ने सीसीटीवी के लिए सख्त तकनीकी मानक लागू किए है। नए नियम की बात करें तो इमें हार्डवेयर कंपोनेट्स जैसे एसओसी की उत्पत्ति का खुलासा जरूरी है। इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त लैब से टेस्टिंग भी अनिवार्य है। इसी तरह 507 सीसीटीवी मॉडल्स अन मानकों पर प्रमाणित किए जा चुके हैं।
सरकारी विभागों के लिए निर्देश
- पुराने सिस्टम की सुरक्षा जांच कर उन्हें अपडेट करें।
- निगरानी नेटवर्क की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित करें।
सरकार ने Information Technology Act 2000 की धारा 69A के तहत 652 मोबाइल एप्लिकेशनों को ब्लॉक किया है। यह कदम डाटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के अन्य कदम
- नेशनल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नेशनल साइबर को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCCC) अहम भूमिका निभा रहा है। यह संस्था साइबर स्पेस की लगातार निगरानी करती है और संभावित खतरों की पहचान कर रियल-टाइम अलर्ट जारी करती है, साथ ही संबंधित एजेंसियों के साथ जरूरी जानकारी साझा करती है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। वहीं, CERT-In ने भी साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
- CERT-In ने 237 सिक्योरिटी ऑडिट संगठनों को सूची तैयार की है और वर्ष 2023 में सूचना सुरक्षा से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए। इसके अलावा, 2025 में सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और उभरती तकनीकों के लिए बिल ऑफ मटेरियल्स (BOM) से संबंधित अपडेटेड गाइडलाइंस भी जारी की गईं, जिनका उद्देश्य सप्लाई चेन की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
इसके अलावा हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशी, खासर चीन से आने वाले सीसीटीवी उपकरणों में संभावित खामियों को लेकर चेतावनी दी है। इनमें जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। अनधिकृत निगरानी का खतरा बढ़ जाता है। इससे स्पष्ट हुआ है कि असुरक्षित निगरानी सिस्टम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।