भारत में इस्तेमाल होने वाले 97% मोबाइल मेड इन इंडिया हैं: MoS IT राजीव चंद्रशेखर
2014 में भारत में इस्तेमाल होने वाले 92 फीसदी मोबाइल फोन आयातित थे, लेकिन आज भारत में इस्तेमाल हो रहे 97 फीसदी फोन भारत में ही बने हैं। आज भारत से 12 बिलियन डॉलर यानी करीब 98,800 करोड़ की कीमत की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का निर्यात किया जा रहा है।

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भारत में इस्तेमाल होने वाले 97 फीसदी से ज्यादा मोबाइल फोन मेड इन इंडिया हैं। इससे पहले देश को फोन का आयात करना पड़ता था। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि 2014 में देश में इस्तेमाल होने वाले 92% से ज्यादा फोन आयातित होते थे। लेकिन, आज इस्तेमाल होने वाले 97 फीसदी से ज्यादा मोबाइल फोन देश में ही बन रहे हैं।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ा है। अपनी जरूरतों के मुताबिक हम खुद ही उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं और निर्यात भी कर रहे हैं। आज हम 12 अरब डॉलर के कीमत की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्यात कर रहे हैं। नए डाटा संरक्षण बिल पर चंद्रशेखर ने कहा, यह बहुत सरल और आधुनिक होगा।
निजता का अधिकार व डाटा संरक्षण भारत में मौलिक अधिकार हैं। डाटा संरक्षण बिल इन अधिकारों को मान्यता देने और स्थापित करने में बहुत प्रगतिशील होगा। इसे फरवरी में बजट सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा, भारत वेब 3.0 में नेतृत्व करने का इच्छुक है। लेकिन, ऑनलाइन गेमिंग व क्रिप्टो से जुड़े मुद्दे सुलझाने जरूरी हैं।
देश नवाचार अर्थव्यवस्था का वैश्विक केंद्र बनने को तैयार
भारत ने 2014 के बाद से सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। देश सेमीकंडक्टर और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से जुड़ी प्रतिभा एवं नवाचार के लिए स्थानीय हब के रूप में उभरा है। यह नवाचार अर्थव्यवस्था का वैश्विक केंद्र भी बनने के लिए तैयार है।
- आज लगभग हर पारिस्थितिकी तंत्र में चाहे वह ड्रोन हो या कोई अन्य, हर क्षेत्र में कहीं अधिक स्टार्टअप हैं। वे नए भारत के निर्माण में सरकार के दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा हैं।
जल्द दूर होंगी आईफोन-14 की आपूर्ति संबंधी बाधाएं
राज्यमंत्री ने कहा अमेरिकी कंपनी एपल आईफोन-14 की आपूर्ति से जुड़ीं बाधाएं दूर करने पर काम कर रही है। कंपनी के हवाले से उन्होंने कहा कि आईफोन-14 की मांग भारत में बने उत्पाद से पूरी की जा रही है। कंपनी का कहना है कि आईफोन 14 प्रो की मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति संबंधित समस्याएं भी आ रही हैं। इसका समाधान किया जा रहा है।
इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने में उपग्रह संचार की भूमिका
उपग्रह संचार देश में गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य में भारत के बढ़ते दबदबे के लिए उपग्रह संचार महत्वपूर्ण प्रासंगिकता रखता है। इंडिया स्पेस कांग्रेस-2022 में चंद्रशेखर ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025-26 तक 1.2 अरब भारतीयों को अपने उपकरण के जरिये सीधे इंटरनेट से जुड़ने की क्षमता प्रदान करना है। उपग्रह संचार और अंतरिक्ष खंड की भूमिका इसका एक अंतर्निहित हिस्सा है।
- वायरलेस तकनीक की सीमाएं हो सकती हैं। इंटरनेट और लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लक्ष्य को सुनिश्चित करने के समग्र मिशन में उपग्रह और अंतरिक्ष महत्वपूर्ण होंगे।
- भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में उभरने के लिए सावधानी से आगे बढ़ रहा है। इसने सर्वाधिक एफडीआई आकर्षित किया है।