सर्वे: देश के 50% युवा हर दिन सोशल मीडिया पर बिता रहे तीन घंटे, बीमारियों को दे रहे दावत

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 17 Oct 2023 01:04 PM IST
सार

इंटरनेट अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है, लेकिन यह चिंताजनक है। एक सर्वे के मुताबिक देश के 9-17 वर्ष की आयु के आधे से अधिक भारतीय युवा प्रतिदिन 3 घंटे से अधिक समय सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर बिताते हैं।

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More than half of Indian youth spend over 3 hours daily on social media says Study
Indian youth using phone - फोटो : pixabay

    विस्तार

    भारत में इंटरनेट दुनिया के कई देशों के मुकाबले सस्ता है। इसके कारण देश के अधिकतर लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या करीब 100 करोड़ हो गई है। ग्लोबली बात करें तो दुनिया की करीब 93 फीसदी आबादी इंटरनेट से कनेक्टेड है और इनमें से 60 फीसदी यानी करीब 4.8 अरब लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इंटरनेट अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है, लेकिन यह चिंताजनक है। एक सर्वे के मुताबिक देश के 9-17 वर्ष की आयु के आधे से अधिक भारतीय युवा प्रतिदिन 3 घंटे से अधिक समय सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर बिताते हैं।

    सर्वे में शामिल हुए 50,000 पैरेंट्स

    हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे से इस बात की जानकारी मिली है। इस सर्वे में देश के करीब 50,000 माता-पिता शामिल थे। सर्वे में पाया गया कि 9 से 17 वर्ष की आयु के दस में से प्रत्येक छठा युवा प्रतिदिन तीन घंटे से अधिक सोशल मीडिया या गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं।

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    अकेले महाराष्ट्र से 17 फीसदी माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चे हर दिन छह घंटे से अधिक समय तक ऑनलाइन रहते हैं। यही जवाब देश के 22 फीसदी उत्तरदाताओं ने भी दिए। केवल 10 फीसदी माता-पिता ने कहा कि सोशल मीडिया या गेमिंग पर समय बिताने के बाद उनका बच्चा "खुश" महसूस करता है। अध्ययन से यह भी बात सामने आई है कि सोशल मीडिया सकारात्मक प्रभावों की तुलना में अधिक नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

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    बढ़ रही है मानसिक परेशानी

    ताजा सर्वे अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति की 2022 की एक की पुष्टि करता है जिसमें कहा गया था कि यदि कोई बच्चा हर दिन सोशल मीडिया पर 3 घंटे या इससे अधिक समय बिताता है तो उसमें डिप्रेशन देखा जा सकता है और उसके मानसिक स्वास्थ्य के भी नुकसान का गहरा खतरा है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकलसर्कल्स के एक अन्य सर्वे से पता चला है कि सोशल मीडिया के साथ लंबे समय तक जुड़ाव से आक्रामकता, अधीरता, अतिसक्रियता और अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की संभावना बढ़ जाती है। सर्वे के मुताबिक 9-18 साल के बच्चे गैजेट के आदि हो गए हैं और इनके बिना रहना नहीं चाहते हैं। गैजेट के हद से ज्यादा इस्तेमाल के कारण बच्चों में सिर दर्द, बैक पेन और अवसाद देखने को मिल रहा है।

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