AI: क्या भारत 10 महीनों में बना पाएगा ChatGPT जैसा चैटबॉट? जानिए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 30 Jan 2025 04:33 PM IST
सार

उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि एआई मॉडल के लिए ग्राउंडवर्क पूरा कर लिया गया है। सरकार का ध्यान एक ऐसा सिस्टम बनाने पर है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं की अनूठी जरूरतों को पूरा करे।

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Minister Ashwini Vaishnav Says India To Develop Its Own ChatGPT Like Generative AI Model In 10 Months
भारत तैयार कर रहा खुद का एआई मॉडल - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    डीपसीक AI ने रातों-रात टेक बाजार में खलबली मचा दी। चीन से शुरू होते हुए यह पहले अमेरिका पहुंचा और अब भारत में भी लोग इसे अपने स्मार्टफोन्स पर डाउनलोड करने लगे हैं। अचानक से बड़ी लोकप्रियता के चलते Deepseek पहले अमेरिका के एपल iStore पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला एप बन गया, वहीं दूसरे दिन भारत के भी iStore पर भी यह सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला चाइनीज ऐप बन गया।

    10 महीनों में तैयार होगा AI मॉडल

    AI
    AI - फोटो : Freepik

    हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने जनरेटिव AI के क्षेत्र में देश के विकास की जरूरत को समझते हुए एक अहम घोषणा कर दी है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हम अगले 10 महीनों में ChatGPT जैसा जेनरेटिव AI मॉडल तैयार कर लेंगे। अगर ऐसा हुआ तो यह लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर आधारित आर्टिफिशियली इंटेलिजेंट टूल विकसित करने की ओर देश का बड़ा कदम होगा।

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    अश्विनी वैष्णव
    अश्विनी वैष्णव - फोटो : ANI

    उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में बोलते हुए वैष्णव ने जोर देकर कहा कि एआई मॉडल के लिए ग्राउंडवर्क पूरा कर लिया गया है। अब ढांचा तैयार है और सरकार का ध्यान एक ऐसा सिस्टम बनाने पर है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं की अनूठी जरूरतों को पूरा करे। वैष्णव ने कहा, "पिछले 1.5 साल से भी ज्यादा समय से वह स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों आदि के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आज हम अपना खुद का आधारभूत मॉडल विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर रहे हैं। यह मॉडल भारतीय संदर्भ, भाषाओं और संस्कृति का ध्यान रखेगा और इसमें किसी भी तरह का पूर्वाग्रह नहीं होगा।"

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