AI: क्या भारत 10 महीनों में बना पाएगा ChatGPT जैसा चैटबॉट? जानिए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा
उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि एआई मॉडल के लिए ग्राउंडवर्क पूरा कर लिया गया है। सरकार का ध्यान एक ऐसा सिस्टम बनाने पर है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं की अनूठी जरूरतों को पूरा करे।

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डीपसीक AI ने रातों-रात टेक बाजार में खलबली मचा दी। चीन से शुरू होते हुए यह पहले अमेरिका पहुंचा और अब भारत में भी लोग इसे अपने स्मार्टफोन्स पर डाउनलोड करने लगे हैं। अचानक से बड़ी लोकप्रियता के चलते Deepseek पहले अमेरिका के एपल iStore पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला एप बन गया, वहीं दूसरे दिन भारत के भी iStore पर भी यह सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला चाइनीज ऐप बन गया।
10 महीनों में तैयार होगा AI मॉडल

हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने जनरेटिव AI के क्षेत्र में देश के विकास की जरूरत को समझते हुए एक अहम घोषणा कर दी है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हम अगले 10 महीनों में ChatGPT जैसा जेनरेटिव AI मॉडल तैयार कर लेंगे। अगर ऐसा हुआ तो यह लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर आधारित आर्टिफिशियली इंटेलिजेंट टूल विकसित करने की ओर देश का बड़ा कदम होगा।

उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव में बोलते हुए वैष्णव ने जोर देकर कहा कि एआई मॉडल के लिए ग्राउंडवर्क पूरा कर लिया गया है। अब ढांचा तैयार है और सरकार का ध्यान एक ऐसा सिस्टम बनाने पर है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं की अनूठी जरूरतों को पूरा करे। वैष्णव ने कहा, "पिछले 1.5 साल से भी ज्यादा समय से वह स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों आदि के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आज हम अपना खुद का आधारभूत मॉडल विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर रहे हैं। यह मॉडल भारतीय संदर्भ, भाषाओं और संस्कृति का ध्यान रखेगा और इसमें किसी भी तरह का पूर्वाग्रह नहीं होगा।"