माइक्रोसॉफ्ट वॉनिंग: ईमेल फिल्टर्स को धोखा दे रहे हैकर्स, कर रहे इनविजिबल कैरेक्टर्स का यूज, कैसे बचें आप?
माइक्रोसाॅफ्ट ने अपने यूजर्स को एक बड़े फिशिंग कैंपेन को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस साइबर हमले में हैकर्स ईमेल सिक्योरिटी फिल्टर्स और एआई मॉडल्स को चकमा देने के लिए अदृश्य यूनिकोड टैग कैरेक्टर्स का सहारा ले रहे हैं। आइए जानते हैं माइक्रोसॉफ्ट की चेतावनी और इस साइबर खतरे के बारे में विस्तार से।

विस्तार
टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर्स को एक बड़े फिशिंग कैंपेन को लेकर चेतावनी दी है। इस साइबर हमले में थ्रेट एक्टर्स (हैकर्स) ईमेल सिक्योरिटी फिल्टर्स को बायपास करने के लिए इनविजिबल यूनिकोड टैग कैरेक्टर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी रिसर्च टीम के अनुसार, यह तकनीक एआई युग के नए इवेजन पैंतरों को दर्शाती है, जिन्हें अब पारंपरिक फिशिंग और स्पैम हमलों में भी बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है।
ईमेल फिल्टर को कैसे चकमा दे रहे हैं हैकर्स?
- माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी रिसर्च टीम के अनुसार, हमलावर ईमेल में ऐसे इनविजिबल यूनिकोड टैग कैरेक्टर्स डाल रहे हैं। जो इंसानी आंखों को दिखाई नहीं दे सकती। इन कैरेक्टर्स की मदद से फंडिंग जैसे फाइनेंशियल ल्योर्स यानी लोगों को आकर्षित करने वाले शब्दों को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा रहा है। इससे ईमेल फिल्टर के लिए पूरे शब्द को पहचानना मुश्किल हो जाता है और फिशिंग ईमेल सामान्य सिक्योरिटी चेक से निकल सकता है।
- माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि यहां इनविजिबल कैरेक्टर्स का इस्तेमाल लोगों से कोई निर्देश छिपाने के लिए नहीं, बल्कि खास तौर पर फाइनेंशियल ल्योर शब्दों को स्प्लिट करने के लिए किया जा रहा है।
इनविजिबल यूनिकोड कैरेक्टर्स क्या होते हैं?
- इनविजिबल यूनिकोड कैरेक्टर्स वह होते हैं, तो टेक्स्ट में मौजूद तो होते हैं, लेकिन सामान्य यूजर इंटरफेस में दिखाई नहीं देते। यानी यूजर को ईमेल पढ़ते समय टेक्स्ट सामान्य नजर आ सकता है, जबकि उसके अंदर ऐसे अतिरिक्त कैरेक्टर्स मौजूद हो सकते हैं जिन्हें बैकग्राउंड में कोई सिस्टम या सॉफ्टवेयर पढ़ सकता है। इसी वजह से इनका इस्तेमाल सिक्योरिटी सिस्टम को भ्रमित करने के लिए किया जा सकता है।
- इस तरह के तकनीक को एएससीआईआई स्मगलिंग से भी जोड़ा जाता है। इसमें इनविजिबल या नॉन-रेंडरिंग यूनिकोड कैरेक्टर के जरिए सामान्य दिखने वाले टेक्स्ट के अंदर अतिरिक्त मैसेज या इंस्ट्रक्शन्स छिपाए जा सकते हैं।
- इंसानी यूजर इंटरफेस इन कैरेक्टर्स को रेंडर नहीं करता, इसलिए सामने वाले व्यक्ति को टेक्स्ट पूरी तरह सामान्य दिखाई देता है। लेकिन कोई ईमेल फिल्टर, सॉफ्टवेयर या AI मॉडल उस कंटेंट को प्रोसेस करते समय इन छिपे हुए कैरेक्टर्स को पढ़ सकता है। यही अंतर साइबर अपराधियों के लिए एक नया रास्ता बना रहा है।
- हैरानी वाली बात है कि यह तकनीक सिर्फ पारंपरिक ईमेल फिल्टर को ही चुनौती नहीं देती। इससे एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के लिए भी सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है।
- एलएलएम कई बार सीधे यूजर की ओर से दिए गए निर्देश और किसी थर्ड-पार्टी सोर्स, जैसे ईमेल, डॉक्यूमेंट या वेब पेज में मौजूद कंटेंट के बीच भरोसेमंद अंतर नहीं कर पाते।
- ऐसे में छिपे हुए कंटेंट का इस्तेमाल प्रॉम्प्ट इंजेक्शन के लिए भी किया जा सकता है। यानी किसी एआई सिस्टम को ऐसे निर्देश दिए जा सकते हैं जिन्हें यूजर ने सीधे नहीं लिखा या जिनके बारे में उसे पता ही नहीं है।
यूनिकोड टैग करेक्टर्स का हो रहा है इस्तेमाल
- माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा दुरुपयोग किए जाने वाले यूनिकोड रेंज में यूनिकोड टैग्स ब्लॉक यू प्लस E0000 से U+E007F शामिल है। इस ब्लॉक में प्रिंटेबल एसएससीआईआई कैरेक्टर्स की एक तरह की शैडो कॉपी मौजूद होती है।
- यह यूनिकोड ब्लॉक मूल रूप से लैंग्वेज टैगिंग के लिए बनाया गया था। हालांकि, अब इसका इस्तेमाल काफी हद तक डिप्रिकेटेड यानी अप्रचलित माना जाता है। साइबर अपराधी इसी तरह के कैरेक्टर्स का फायदा उठाकर सामान्य दिखने वाले टेक्स्ट में बदलाव कर सकते हैं।
यह फिशिंग कैंपेन कब से चल रहा है?
- माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले अटैक फरवरी 2026 की शुरुआत में सामने आए थे। इस कैंपेन की जानकारी इससे पहले फोर्ट्रा इंटेलिजेंस और रिसर्च की एक्सपर्ट टीम ने सितंबर 2025 में साझा की थी।
- फोर्ट्रा के मुताबिक, इस कैंपेन की खासियत सिर्फ यूनिकोड तकनीक नहीं थी। इसमें अलग-अलग अवैध या इम्परसोनेटेड डोमेंस के हिसाब से तेजी से तैयार की गई और विश्वसनीय दिखने वाली फिशिंग वेबसाइट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकता था।
एआई पावर्ड-टूल्स से तेजी से बन रहीं फिशिंग साइट्स
फोर्ट्रा ने बताया कि थ्रेट एक्टर्स एक्टिव कैंपेन के एआई-पावर्ड मार्केटिंग ऑटोमेशन फीचर्स का इस्तेमाल करके फिशिंग कैंपेन के डिजाइन, कंटेंट और फ्लो को बदल रहे थे। इसका फायदा यह है कि हमलावर कम समय में अलग-अलग वेबसाइट और कैंपेन तैयार कर सकते हैं और उन्हें अलग-अलग नकली या इम्परसोनेटेड डोमेंस के हिसाब से ढाल सकते हैं यानी एआई और ऑटोमोशन का इस्तेमाल केवल वैध कंपनियां ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधी भी फिशिंग कैंपेन को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कर सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने क्यों दी चेतावनी?
- माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि एआई एरा में इस्तेमाल होने वाली इवेशन टेक्निक्स अब पारंपरिक फिशिंग और स्पैम कैंपेन में भी अपनाई जा रही हैं।
- पहले इनविजिबल यूनिकोड जैसी तकनीकों की चर्चा मुख्य रूप से एआई मॉडल्स को भ्रमित करने और प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसे हमलों के संदर्भ में होती थी। अब इन्हीं तरीकों को ईमेल फिल्टर से बचने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ईमेल सिक्योरिटी सिस्टम के लिए केवल सामान्य टेक्स्ट पैटर्न देखकर फिशिंग ईमेल पकड़ना और मुश्किल हो सकता है।
यूजर्स कैसे रहें सुरक्षित?
- ऐसे फिशिंग अटैक से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध ईमेल में मौजूद लिंक पर तुरंत क्लिक न करें। खास तौर पर बैंकिंग, पेमेंट, फंडिंग, अकाउंट वेरिफिकेशन या किसी वित्तीय ऑफर से जुड़े ईमेल में अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- अगर ईमेल में कोई लिंक दिया गया है तो उस पर क्लिक करने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप को सीधे खोलकर जानकारी जांचें।
- साथ ही, किसी ईमेल का सिर्फ इसलिए भरोसा न करें क्योंकि उसका टेक्स्ट सामान्य दिखाई दे रहा है। इनविजिबल यूनिकोड जैसी तकनीक की वजह से दिखाई देने वाला टेक्स्ट और सिस्टम द्वारा प्रोसेस किया जाने वाला टेक्स्ट अलग हो सकता है।