कामयाबी: सफल हुआ एलन मस्क का न्यूरालिंक ब्नेन चिप प्रोजेक्ट, लकवाग्रस्त शख्स ने खेला वीडियो गेम
न्यूरालिंक ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक शख्स सिर्फ सोचकर गेम को कंट्रोल कर रहा है और वीडियो गेम खेल रहा है। इस शख्स के दिमाग में न्यूरालिंक का चिप लगा हुआ है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स सोचकर वीडियो गेम और ऑनलाइन शतरंज खेल रहा है।

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एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) ने सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। न्यूरालिंक का ब्रेन चिप प्रोजेक्ट अब सफल माना जा रहा है। न्यूरालिंक ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक शख्स सिर्फ सोचकर गेम को कंट्रोल कर रहा है और वीडियो गेम खेल रहा है। इस शख्स के दिमाग में न्यूरालिंक का चिप लगा हुआ है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स सोचकर वीडियो गेम और ऑनलाइन शतरंज खेल रहा है।
न्यूरालिंक मस्क का ब्रेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है। न्यूरालिंक का मकसद उन मरीजों को भी काबिल बनाना है जो पूरी तरह से कुछ भी करने में अक्षम हैं। न्यूरालिंक के चिप की मदद से इंसान सिर्फ सोचकर कई सारे काम कर सकता है और उसकी सोच को कंप्यूटर पर देखा जा सकता है। मस्क ने कहा है कि कंपनी उन मरीजों के साथ काम शुरू करेगी, जिनमें सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड इम्पेयरमेंट या क्वाड्रिप्लेजिया जैसी गंभीर शारीरिक दिक्कतें हैं।
वीडियो में दिख रहा शख्स नोलैंड आर्बांघ का रहने वाला है। वह सोचकर कंप्यूटर पर शतरंज और गेम सिविलाइजेशन VI खेल रहा है। शख्स की सोच को डिकोड किया गया जिसका मतलब था, "मैंने वह गेम खेलना छोड़ दिया था।"
शख्स का कहना है कि न्यूरालिंक के चिप ने उसकी जिंदगी बदल दी है। आर्बांघ की उम्र 29 साल है और एक एक्सिडेंट में उसे स्पाइनल कॉर्ड की इंजरी हुई थी जिसके बाद वह 8 साल से विस्तर पर है। Neuralink का दावा है कि वह सिर्फ ब्रेन चिप कंपनी नहीं है, बल्कि सोच से कर्सर कंट्रोल करने की डिवाइस बनाने वाली कंपनी भी है।
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