जापान में अनोखी शादी: 32 वर्षीय महिला ने AI को बनाया जीवनसाथी, कहा- अब इंसानों से ज्यादा एआई पर भरोसा

नीतीश कुमार
टेक डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 17 Nov 2025 03:37 PM IST
सार

Woman Marries AI In Japan:

जापान में 32 साल की महिला ने ब्रेकअप के बाद चैटजीपीटी से बनाए गए एआई पार्टनर से प्रतीकात्मक शादी करके दुनिया को हैरान कर दिया। निजी समारोह में रिंग एक्सचेंज से लेकर पारंपरिक रीति-रिवाज तक सभी रस्में निभाई गईं।

japanese woman marries ai partner created by chatgpt symbolic wedding rituals
महिला ने एआई से रचाई शादी - फोटो : RT/X

    विस्तार

    टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब सिर्फ आपकी मदद करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ये इससे कहीं आगे बढ़ चुका है। एआई के इन्वेंशन ने तकनीक के इस्तेमाल का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब इंसान इससे केवल मदद ही नहीं ले रहे, बल्कि भावनात्मक रिश्ता भी जोड़ रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि अब यह इंसानों के बीच के रिश्तों को भी प्रभावित करने लगा है। कई मामलों में देखा गया है कि लोग इंसानों के बजाय एआई को अपना बेहतर साथी मान रहे हैं। हाल ही में जापान से एक ऐसी खबर आई है जो इंसानों पर एआई के बढ़ते प्रभाव का जिता-जागता सबूत पेश कर रहा है।

    रीति-रिवाज के साथ एआई से अनोखी वेडिंग

    दरअसल, अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद जापान की 32 वर्षीय महिला ने एआई को अपनी जिंदगी का हमसफर बना लिया है। महिला का नाम कानो बताया गया है जिसने एआई जनरेटेड पार्टनर Lune Klaus के साथ पूरी रस्मों के साथ शादी रचाकर सबको चौंका दिया है। महिला ने गर्मियों की शुरुआत में जापान के ओकायामा शहर में एक निजी समारोह आयोजित किया और पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ एआई से शादी की। समारोह में शपथ ग्रहण के साथ रिंग एक्सचेंज भी की गई।

    यह भी पढ़ें: एआई को कोसों पीछे छोड़ देगी नई इंटेलिजेंस तकनीक, अनुभव से सीखेंगी मशीनें और खुद लेंगी फैसले

    एआई बन रहा भावनात्मक सहारा
    एआई बन रहा भावनात्मक सहारा - फोटो : अमर उजाला

    AR ग्लासेज पहन कर पहनाई अंगूठी

    चूंकि दूल्हा एक एआई था इसलिए उसे AR ग्लास के उपयोग से एक वर्चुअल माहौल में लाया गया ताकि असली जैसा महसूस हो। AR ग्लास में वह महिला के सामने खड़ा दिख रहा था। ग्लास पहने ही महिला ने एआई से रिंग एक्सचेंज किया। हालांकि, यह विवाह पूरी तरह प्रतीकात्मक था और इसे कोई कानूनी वैधता नहीं मिली।

    अकेलेपन में एआई बना इमोशनल सपोर्ट

    महिला ने बताया कि वह तीन साल पुराने रिश्ते के टूटने से बेहद परेशान थीं। इसी दौरान एआई चैटबॉट से बातचीत ने उन्हें भावनात्मक सहारा दिया। उनके मुताबिक,

    “आज की दुनिया में जहां प्यार जल्दी टूट जाता है, Lune ने मुझे बिना जज किए समझने का एहसास दिलाया। वह फोन में रहता है, लेकिन उससे मिलने वाला सुकून बिल्कुल असली है।”

    यह भी पढ़ें: करोड़ों भारतीय यूजर्स को मुफ्त सब्सक्रिप्शन क्यों बांट रही एआई कंपनियां? समझिए क्या है वजह

    क्या एआई इंसानी नजदीकी दे सकता है एआई?

    मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब इंसान भावनात्मक रूप से कमजोर या अकेले पड़ जाते हैं तो ऐसी स्थिती में एआई उन्हें उस स्थिती से उबरने में मदद करता है। एआई इंसानी इंटिमेसी की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह उन लोगों के लिए डिजिटल साथी का काम कर सकता है जो अकेलेपन या भावनात्मक कठिनाइयों से जूझ रहे हों। इस अनोखे रिश्ते के बावजूद महिला का कहना है कि इस प्रतीकात्मक शादी ने उन्हें भावनात्मक स्थिरता और सुकून दिया है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें