हंसेगा और उदास भी होगा: जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक ने पेश किया नया AI वॉइस मॉडल 'डेसा', बाकियों से कैसे है अलग?

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Sat, 24 Oct 2026 03:20 PM IST
सार

जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक ने 'डेसा' नाम का AI वॉइस मॉडल पेश किया है, जिसे बिना टेक्स्ट और पहले से प्रशिक्षित मॉडल के सिर्फ इंसानी बातचीत से ट्रेन किया गया। कंपनी के मुताबिक यह सुनते-बोलते भावनाएं पहचानता है।

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Jack Dorseys Block Unveils Dessa an AI Voice Model Trained Only on Human Conversation
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    जैक डोर्सी के नेतृत्व वाली फिनटेक कंपनी ब्लॉक ने 'डेसा' नाम का नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वॉइस मॉडल पेश किया है। कंपनी के बयान के अनुसार इसे पूरी तरह इंसानी बातचीत की आवाजों पर ट्रेन किया गया है। इसमें न टेक्स्ट का इस्तेमाल हुआ और न ही किसी पहले से प्रशिक्षित मॉडल का उपयोग किया गया।

    ट्रेडिशनल वॉइस AI से अलग कैसे है डेसा?

    ज्यादातर मौजूदा वॉइस AI सिस्टम पहले आवाज को टेक्स्ट में बदलते हैं और फिर उस पर काम करते हैं। कंपनी का कहना है कि इस प्रक्रिया में लहजे और भाव के कई बारीक संकेत खो सकते हैं। डेसा ऑडियो को सीधे प्रोसेस करता है, इसलिए ये संकेत बने रहते हैं।

    एक साथ सुनता और बोलता है मॉडल?

    कंपनी के अनुसार डेसा एक 'फुल-डुप्लेक्स' स्पीच-टू-स्पीच मॉडल है, यानी यह सुनने और बोलने का काम एक साथ कर सकता है। ब्लॉक का दावा है कि यह आवाज के जरिए भावनाओं, व्यंग्य, हंसी, झुंझलाहट और उदासी को पहचान सकता है और उन्हें जाहिर भी कर सकता है।

    क्या है ट्रेनिंग का तरीका?

    • डेसा ने सिर्फ बातचीत सुनकर रियल-टाइम संवाद करना सीखा है।
    • बोली गई भाषा में लिखे टेक्स्ट से कहीं ज्यादा डेटा होता है और वह हर बार अलग रूप में आती है, इसलिए आवाज पर ट्रेनिंग कठिन है।
    • LLM को भारी मात्रा में टेक्स्ट चाहिए, जबकि डेसा ने सैकड़ों गुना कम शब्दों से भाषा सीखी।
    • बयान में हल्के अंदाज में कहा गया कि LLM को कोडिंग भाषाएं भी सीखनी पड़ती हैं।
    • डेसा को सिर्फ एक NVIDIA GB200 NVL72 पर ट्रेन करने का तरीका निकाला गया।

    क्या-क्या कर सकता है डेसा?

    ब्लॉक के अनुसार डेसा खुद तय कर सकता है कि क्या बोलना है, कब जवाब देना है और अपनी आवाज व बोलने का अंदाज कैसा रखना है। कंपनी का कहना है कि इससे बात करना किसी इंसान से बात करने जैसा लगता है, जिसमें भावनाएं, बारीकियां, ठहराव और स्वाभाविक लय मौजूद हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि मॉडल मजाक पर वाक्य के बीच में हंस सकता है, कहने पर अपनी आवाज धीमी या तेज कर सकता है और स्वाभाविक ढंग से जवाब दे सकता है। ब्लॉक के मुताबिक इन व्यवहारों की उसे अलग से साफ ट्रेनिंग नहीं दी गई थी।

    सुरक्षा शोधकर्ताओं को शुरुआती एक्सेस

    कंपनी ने कहा है कि सिर्फ ध्वनि से बोलना सीखने वाला मॉडल एक नया क्षेत्र है और वह इस पर बाहरी नजर चाहती है। इसलिए ब्लॉक AI सुरक्षा शोधकर्ताओं के एक छोटे समूह को शुरुआती एक्सेस देगी, ताकि वे उन जोखिमों की पहचान कर सकें जिनका कंपनी को अंदाजा नहीं है।

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