इसरो ने लॉन्च किए 36 वनवेब सैटेलाइट, सबसे भारी LVM-3 रॉकेट के जरिए पहली बार हुई लॉन्चिंग

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Sun, 23 Oct 2022 03:41 PM IST
सार

बता दें कि इसरो और वाणिज्यिक इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से इन सैटेलाइट की लॉन्चिंग की गई है। LVM3 रॉकेट के जरिये हुआ पहला लॉन्चिंग अभियान है।

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Isro launched 36 OneWeb satellites with NSIL in 1st commercial launch for LVM3
LVM3 रॉकेट के जरिये हुआ पहला लॉन्चिंग अभियान - फोटो : PTI

    विस्तार

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि वनवेब द्वारा विकसित 36 ब्रॉडबैंड सैटेलाइट का एक ग्रुप रविवार को लो अर्थ ऑर्बिट में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। इस लॉन्चिंग को सबसे भारी LVM3 रॉकेट के जरिए किया गया है। हालांकि अब रॉकेट का नाम बदलकर LVM3-M2 किया गया है। इन सभी सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया है।

    बता दें कि इसरो और वाणिज्यिक इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इन सैटेलाइट की लॉन्चिंग की गई है। LVM3 रॉकेट के जरिये हुआ पहला लॉन्चिंग अभियान है। वनवेब ने कहा कि यह इस साल का दूसरा और अब तक का 14वां लॉन्च है। इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग सचिव सोमनाथ एस ने इस लॉन्चिंग को देश और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक घटना बताया है।

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    लंदन स्थित उपग्रह संचार कंपनी नेटवर्क एक्सेस एसोसिएटेड लिमिटेड (वनवेब) ने इस लॉन्चिंग के बाद जानकारी देते हुए कहा कि इसरो और NSIL के साथ उसकी साझेदारी से 2023 तक पूरे भारत में कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। जिसमें लद्दाख से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक पहुंच शामिल है। कंपनी ने कहा कि वनवेब न केवल उद्यमों के लिए बल्कि उद्यमों के साथ-साथ गांवों, नगर पालिकाओं और स्कूलों के साथ-साथ देश के सुदूर क्षेत्रों तक सुरक्षित समाधान मुहैया कराएगा।

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    वनवेब के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा इस लॉन्चिंग के साथ ही धरती की निचली कक्षा में 648 उपग्रहों का बेड़ा तैयार करने की कंपनी की योजना का 70 फीसदी यानी 462 उपग्रह का समूह पूरा हो जाएगा। केवल चार और लॉन्च के साथ ही यह बेड़ा दुनियाभर में उच्च गति वाली तेज कनेक्विटी प्रदान करने लगेगा।

    वनवेब को छह लॉन्च की आवश्यकता थी जो यूक्रेन और रूस जंग की स्थिति के कारण विलंबित हो गए। हमने कुछ अन्य मिशनों को आगे-पीछे किया तब जाकर प्राथमिकता के आधार पर दो लॉन्च किए गए। उन्होंने कहा कि इन सैटेलाइट से देश के उन हिस्सों में ही इंटरनेट पहुंचाया जा सकेगा, जहां कनेक्टिविटी पहुंचाना संभव नहीं है।

    वनवेब ने इस लॉन्चिंग के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का सौदा किया था और एक और GSLV को अगले साल जनवरी में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा, भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने की वनवेब की प्रतिबद्धता को भारती ग्लोबल का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी सबसे बड़ी निवेशक है।

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