AI Data Center: भारत में एआई को मिलेगा बल, आंध्र प्रदेश में 98 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे डाटा सेंटर
देश में डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसके लिए ब्रुकफील्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अमेरिका की डिजिटल रियल्टी ने संयुक्त उद्यम (JV) से बनी कंपनी डिजिटल कनेक्शन (Digital Connexion) का निर्माण किया है।

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देश में डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसके लिए ब्रुकफील्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अमेरिका की डिजिटल रियल्टी ने संयुक्त उद्यम (JV) से बनी कंपनी डिजिटल कनेक्शन (Digital Connexion) का निर्माण किया है। यह कंपनी आंध्र प्रदेश में बड़े डाटा सेंटर्स बनाने के लिए 98,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन डाटा सेंटर्स की क्षमता 1 गीगावॉट होगी और पूरा काम साल 2030 तक खत्म हो जाएगा।
400 एकड़ में तैयार होंगे एआई-नेटिव डाटा सेंटर्स
कंपनी का कहना है कि ये नए, आधुनिक और एआई पर आधारित डाटा सेंटर विशाखापट्टनम में 400 एकड़ जमीन पर बनाए जाएंगे। इन्हें खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी काम संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। ताकि बड़ा डाटा तेजी से प्रोसेस हो सके और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग आसानी से हो पाए।
गूगल के बाद देश में दूसरा बड़ा निवेश
यह देश में हाल ही में हुआ दूसरा बड़ा निवेश है। इससे पहले पिछले महीने गूगल ने आंध्र प्रदेश में 15 अरब डॉलर लगाकर एआई हब और डाटा सेंटर बनाने का एलान किया था। अब डिजिटल कनेक्शन की यह नई परियोजना राज्य में टेक्नोलॉजी से जुड़े निवेश को और तेजी देगी।
आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के साथ हुआ समझौता
कंपनी ने बताया कि इस निवेश के लिए आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एक समझौता (MoU) साइन किया गया है। डाटा सेंटर्स को आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। इन डाटा सेंटर्स में ऐसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जैसे- हाई डेंसिटी रैक सिस्टम (ज्यादा डाटा रखने की क्षमता), मजबूत बिजली सबस्टेशन, बिजली का बैकअप सिस्टम और तेज और कम लेटेंसी वाला नेटवर्क। ये सुविधाएं आने वाले 10 वर्षों में तकनीकी नवाचार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी।
चेन्नई और मुंबई में भी डिजिटल कनेक्शन की मौजूदगी
डिजिटल कनेक्शन का एक डाटा सेंटर कैंपस पहले से चेन्नई में काम कर रहा है। मुंबई के चांदिवली में दूसरा कैंपस बनाया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इन जगहों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां से नेटवर्क बहुत जल्दी और बिना रुकावट के कनेक्ट होता है। माना जा रहा है कि यह निवेश भारत में बढ़ते एआई और डाटा से जुड़ी सेवाओं को और तेजी देगा।