सरकार का सख्त रुख: प्ले स्टोर पर भारतीय एप बहाल, अश्विनी वैष्णव के दखल के बाद बैकफुट पर आई गूगल

गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्लीगुलाम अहमद
Sun, 03 Mar 2024 05:02 AM IST
सार

गूगल ने शुक्रवार को बिल विवाद के चलते भारतीय टेक कंपनी इन्फो एज के नौकरी डॉट कॉम, 99 एकड़, जीवनसाथी और शिक्षा एप के साथ ही कूकू एफएम, भारत मैट्रिमोनी, ट्रूली मैडली, क्वैक-क्वैक, स्टेज और ऑल्टटी को हटा दिया था।

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Indian apps restored on Play Store after IT Minister Ashwini Vaishnaw strictness with Google
Railway Minister Ashwini Vaishnaw - फोटो : Social Media

    विस्तार

    गूगल ने बिल भुगतान विवाद में सरकार का कड़ा रुख देख भारतीय कंपनियों के एप प्ले स्टोर से हटाने का अपना फैसला पलट दिया है। उसने शनिवार को हटाए गए सभी एप प्ले स्टोर पर बहाल कर दिए। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के दखल के बाद कंपनी बैकफुट पर आ गई।

    वैष्णव ने स्पष्ट कहा कि गूगल का यह रवैया मंजूर नहीं है। कोई एक बड़ी कंपनी भारतीय स्टार्टअप्स का भाग्य तय नहीं कर सकती। उन्होंने विवाद का जल्द हल निकालने के लिए प्रभावित कंपनियों और गूगल को अगले सप्ताह बैठक के लिए बुलाया है। वैष्णव ने कहा, भारत ने 10 वर्षों में एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। युवाओं और उद्यमियों की ऊर्जा को सही दिशा देनी चाहिए और इसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी की नीतियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। भारत सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है। हमारे स्टार्टअप को वह सुरक्षा मिलेगी, जिसकी उन्हें जरूरत है।

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    गौरतलब है कि गूगल ने शुक्रवार को बिल विवाद के चलते भारतीय टेक कंपनी इन्फो एज के नौकरी डॉट कॉम, 99 एकड़, जीवनसाथी और शिक्षा एप के साथ ही कूकू एफएम, भारत मैट्रिमोनी, ट्रूली मैडली, क्वैक-क्वैक, स्टेज और ऑल्टटी को हटा दिया था। इंफो एज के फाउंडर संजीव बिखचंदानी ने बताया कि उनके एप 9 फरवरी से गूगल की बिलिंग नीति का पालन कर रहे हैं। इसके बाद भी मनमाने तरीके से उनके एप को प्ले स्टोर से हटाया गया।

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    एप भुगतान पर शुल्क को लेकर विवाद

    भारतीय कंपनियों और गूगल के बीच एप भुगतान पर शुल्क को लेकर विवाद है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल को आदेश दिया था कि वह 15 से 30 फीसदी शुल्क लगाने की पुरानी व्यवस्था को खत्म करे, जिसके बाद गूगल ने एप भुगतान पर 11-26 प्रतिशत शुल्क लगाना शुरू कर दिया। भारतीय कंपनियों ने गूगल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें गूगल के शुल्क पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है।

    कोर्ट से निर्णय तक एप न हटाएं

    इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने गूगल से कहा है कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब तक भारतीय कंपनियों के एप को प्ले स्टोर से नहीं हटाए जाएं।

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