स्मार्टफोन मार्केट का बुरा हाल: त्योहारों में भी नहीं बढ़ी डिमांड, शिपमेंट में 26% की कमी, जानें क्या है वजह
India Smartphone Shipment Declined: भारत के स्मार्टफोन बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ओम्डिया (Omdia) की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन के बावजूद 2026 की तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट 26% गिरकर 3.58 करोड़ यूनिट्स रह गया है, जो एक दशक में सबसे कम है। हालांकि, इस मंदी के बीच चीनी कंपनियों को पछाड़कर सैमसंग ने फिर से नंबर 1 का ताज पहन लिया है, जबकि एपल ने भी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।

विस्तार
सोचिए, देश में त्योहारों का माहौल हो, हर तरफ बंपर सेल के बैनर लगे हों, लेकिन फिर भी लोग नया स्मार्टफोन खरीदने से तौबा कर लें। सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन इस बार भारतीय स्मार्टफोन बाजार की हकीकत कुछ ऐसी ही चौंकाने वाली रही है। हमेशा छप्पर फाड़ कमाई करने वाली मोबाइल इंडस्ट्री अचानक एक ऐसे भंवर में फंस गई है, जिसने पिछले 10 वर्षों का सबसे बुरा दौर वापस ला दिया है।
जाने-माने मार्केट रिसर्च फर्म ओम्डिया (Omdia) की लेटेस्ट रिपोर्ट ने स्मार्टफोन कंपनियों के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। आंकड़े की बात करें तो तीसरी तिमाही (Q3) में स्मार्टफोन की बिक्री बढ़ने के बजाय 26% धड़ाम से नीचे गिर गई है। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाला सवाल ये है कि जिन चीनी स्मार्टफोन कंपनियों का भारत में एकछत्र राज चलता था, उनका तिलिस्म अचानक कैसे टूट गया? और कैसे एक पुराने दिग्गज ने खामोशी से बाजी पलटते हुए फिर से नंबर-1 का ताज अपने सिर सजा लिया? आइए जानते हैं भारत में लोगों के बीच स्मार्टफोन खरीदने का उत्साह क्यों फीका पड़ गया है।
चीनी ब्रांड्स का घटा दबदबा, सैमसंग की शानदार वापसी
इस गिरते बाजार में भी दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग ने बाजी मार ली है। साल की शुरुआत (1Q24) के बाद सैमसंग ने पहली बार 67 लाख यूनिट्स शिपमेंट के साथ नंबर 1 का ताज वापस छीन लिया है। गैलेक्सी A सीरीज (A07, A17, A27) की लोकप्रियता और प्रीमियम गैलेक्सी S26 सीरीज व नए Z फोल्डेबल्स पर मिल रहे शानदार कैशबैक ऑफर्स ने सैमसंग की इस वापसी में संजीवनी का काम किया।
वहीं, दूसरी ओर चीनी कंपनियों के लिए यह तिमाही किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। एक साल पहले जो चीनी ब्रांड्स बाजार के 75% हिस्से पर राज कर रहे थे, वे अब सिमटकर 68% पर आ गए हैं:
वीवो:
64 लाख यूनिट्स के साथ वीवो दूसरे स्थान पर खिसक गया है। सालाना आधार पर इसकी बिक्री में 34% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो टॉप 5 ब्रांड्स में सबसे ज्यादा है।
ओप्पो:
49 लाख यूनिट्स शिपमेंट के साथ ओप्पो तीसरे स्थान पर रहा। बढ़ती कीमतों के चलते इसकी कोर 'A-सीरीज' की डिमांड घटी है, हालांकि Reno16 सीरीज ने प्रीमियम सेगमेंट में थोड़ी बढ़त दी है।
शॉओमी:
28% की गिरावट के साथ शाओमी चौथे पायदान पर है। कंपोनेंट्स के महंगे होने की वजह से कंपनी को अपनी प्राइसिंग में बदलाव करना पड़ा, जिससे इसकी वैल्यू-फॉर-मनी वाली छवि को नुकसान पहुंचा।
एपल आईफोन का जलवा बरकरार
इस उथल-पुथल के बीच Apple 39 लाख यूनिट्स के शिपमेंट के साथ मजबूती से 5वें पायदान पर टिका रहा। नए iPhone 18 Pro और Pro Max की दमदार लेट-क्वार्टर डिमांड और नो-कॉस्ट EMI ऑफर्स ने ग्राहकों को खूब लुभाया। साथ ही, बेस आईफोन 18 के न आने से पुराने मॉडल्स (iPhone 17 और 16) की डिमांड भी बनी रही।

क्यों हुआ बुरा हाल?
- ओम्डिया ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारणों को जिम्मेदार बताया है। सबसे बड़ी वजह स्मार्टफोन के पार्ट्स, जैसे मेमोरी चिप्स और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स का महंगा होना है, जिससे फोन की निर्माण लागत काफी बढ़ गई है। लागत बढ़ने के कारण कंपनियों को मजबूरन अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं, जिसका सीधा असर 20,000 रुपये से कम वाले बजट सेगमेंट पर पड़ा है। इस सेगमेंट की बिक्री में 47% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- इसके अलावा, बढ़ती महंगाई को देखते हुए ग्राहक भी अब नया फोन खरीदने में सतर्कता बरत रहे हैं या अपग्रेड करने का फैसला टाल रहे हैं। लोग अब अपने पुराने स्मार्टफोन को ही पहले की तुलना में ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। इन सबके साथ ही, इस साल दिवाली का त्योहार अक्टूबर में होने के कारण कंपनियों ने अपना इन्वेंट्री स्टॉक सितंबर के बजाय अक्टूबर में तैयार किया, और ऑनलाइन फेस्टिव सेल में भी ग्राहकों का पहले जैसा उत्साह देखने को नहीं मिला, जिससे पूरे बाजार में यह सुस्ती छा गई।
क्या 2027 में मिल सकती है राहत?
- ओम्डिया का अनुमान है कि 2026 में कमजोर प्रदर्शन के बाद 2027 में भी भारत के स्मार्टफोन बाजार में गिरावट जारी रह सकती है। अगले साल शिपमेंट में मामूली, यानी सिंगल-डिजिट के निचले स्तर की गिरावट आने की आशंका है। महंगे फोन और लंबे समय तक एक ही डिवाइस इस्तेमाल करने की बढ़ती आदत कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
- रिसर्च फर्म के मुताबिक, 2027 की पहली छमाही तक कीमतों का दबाव बने रहने की संभावना है। ऐसे में कंपनियों को ग्राहकों को नया फोन खरीदने के लिए सिर्फ बेहतर प्रोसेसर, ज्यादा रैम या बेहतर कैमरा जैसे छोटे बदलावों से आगे बढ़कर कुछ नया देना होगा।
- ओमडिया के प्रिंसिपल एनालिस्ट सान्यम चौरसिया के मुताबिक, भारत का स्मार्टफोन बाजार अब फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन बिक्री के दम पर तेजी से बढ़ने के बजाय चुनिंदा मांग और रिटेल चैनलों के हिसाब से आगे बढ़ रहा है। इससे कंपनियों की पुरानी बिक्री रणनीतियों को चुनौती मिल रही है।
एआई कराएगा बाजार की वापसी?
- आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्टफोन कंपनियों के लिए अहम साबित हो सकता है। ओमडिया की यूजर इनोवेशन रेडीनेस रिसर्च के मुताबिक, भारत में सर्वे में शामिल करीब 10 में से 4 लोगों ने कहा कि उपयोगी एआई फीचर्स मिलने पर वे स्मार्टफोन के लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार हो सकते हैं।
- इसका मतलब है कि अगर एआई फीचर्स रोजमर्रा के कामों में मदद करें, यूजर की जरूरतों को समझें और समय के साथ ज्यादा उपयोगी बनें, तो ग्राहक नए फोन खरीदने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं। हालांकि, केवल एआई फीचर्स पेश करना काफी नहीं होगा। कंपनियों को बेहतर फाइनेंसिंग, पुराने फोन के बदले छूट और आसान अपग्रेड प्रोग्राम पर भी ध्यान देना होगा।
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