विदेशी नेटवर्क की होगी छुट्टी: जियो ला रहा स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, फाइल किए प्री-6जी पेटेंट्स
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो ने अगली पीढ़ी की टेलीकॉम टेक्नोलॉजी को लेकर बड़े प्लान का खुलासा किया है। कंपनी भारत में स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार कर रही है और प्री-6G के लिए पेटेंट भी दाखिल कर चुकी है। जियो एआई की मदद से वॉयस और डेटा सेवाओं को बदलने पर भी काम कर रहा है।

विस्तार
टेलीकॉम सेक्टर की अगली बड़ी दौड़ 6G को लेकर शुरू हो चुकी है और रिलायंस जियो ने इसमें अभी से अपनी तैयारी तेज कर दी है। दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में कंपनी ने बताया कि वह भारत में अपनी स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी तैयार करने पर काम कर रही है। इतना ही नहीं, कंपनी प्री-6G दौर में ही पेटेंट दाखिल करना शुरू कर चुकी है। कंपनी का फोकस एआई आधारित वॉयस और डेटा सेवाओं पर भी है।
भारत में तैयार होगा स्वदेशी सैटेलाइट स्टैक
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने आईएमसी 2026 के दौरान कंपनी की भविष्य की टेक्नोलॉजी को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जियो एडवांस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। इसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी, 6G और एआई आधारित टेलीकॉम सेवाएं शामिल हैं।
आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी भारत में एक ऐसा स्वदेशी सैटेलाइट स्टैक तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसे देश के अंदर ही विकसित किया जा सके। इससे सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भारत की अपनी टेक्नोलॉजी क्षमता मजबूत हो सकती है।
6G से पहले ही पेटेंट की तैयारी
भारत 6G टेक्नोलॉजी में दुनिया के प्रमुख देशों के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य रख रहा है। इसी दिशा में जियो भी रिसर्च और पेटेंट के जरिए योगदान देने की तैयारी कर रहा है।
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो ने कमर्शियल 6G के आने से पहले ही प्री-6G टेक्नोलॉजी से जुड़े पेटेंट दाखिल करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि भारत से बड़ी संख्या में 6G पेटेंट आने के लक्ष्य में जियो महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहता है।
एआई बदलेगा वॉयस और डेटा का अनुभव
जियो सिर्फ नेटवर्क टेक्नोलॉजी पर ही काम नहीं कर रहा है। कंपनी टेलीकॉम सेवाओं में AI के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाश रही है। आकाश अंबानी के मुताबिक, AI की मदद से वॉयस और डेटा सर्विस को नए तरीके से बेहतर बनाया जा सकता है।
इसका सीधा फायदा आम यूजर्स को मिल सकता है। जियो का मानना है कि AI के इस्तेमाल से पारंपरिक टेलीकॉम सेवाओं में नए फीचर और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस जोड़ा जा सकता है।
डिजिटल सोसायटी के विजन पर फोकस
आईएमसी 2026 में जियो का प्रदर्शन कंपनी के बड़े डिजिटल विजन का हिस्सा है। आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी अपनी पूरी डिजिटल सोसायटी की सोच को सामने रख रही है और उसका मुख्य फोकस कंज्यूमर वैल्यू बढ़ाने पर है।
सैटेलाइट कनेक्टिविटी, एआई और 6G जैसी टेक्नोलॉजी पर जियो की तैयारी बताती है कि कंपनी मौजूदा 5G नेटवर्क से आगे की जरूरतों के लिए अभी से आधार तैयार कर रही है।
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