सरकार ने Tiktok और Helo को भेजा नोटिस, इन 24 सवालों का जवाब न देने पर लग सकता है बैन

Harendra Chaudhary
टेक डेस्क, अमर उजालाHarendra Chaudhary
Thu, 18 Jul 2019 01:27 PM IST
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Govt issued notice to Tiktok, Helo to reply of 21 queries after complaining Swadeshi jagran manch
TikTok (Symbolic)

    सरकार ने चीनी सोशल मीडिया एप्स टिकटॉप, हेलो को नोटिस जारी किया है। सरकार ने इन एप्स से 24 सवाल पूछे हैं, और कहा कि अगर इनका उचित उत्तर नहीं मिला, तो इन्हें बैन किया जा सकता है। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टिकटॉक (TikTok) और हेलो (Helo) जैसी चीनी सोशल मीडिया एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि ये दोनों एप 'राष्ट्रविरोधी' तत्वों का अड्डा बन गए हैं।

    शिकायत के बाद जारी किया नोटिस

    यहां पढ़ें Tiktok और Helo से क्या पूछे गए हैं सवाल

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    स्वदेशी जागरण मंच ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

    पीएम मोदी को लिखे पत्र में स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने दोनों एप को लेकर संगठन की चिंताएं रेखांकित की थीं। उनका आरोप था दोनों एप भारत के युवाओं के 'निहित हितों' से प्रभावित होने का माध्यम बन रहे हैं, और हाल के सप्ताहों में 'टिकटॉक' राष्ट्रविरोधी सामग्री का अड्डा बन गया है, जिसे एप पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है जो हमारे समाज के तानेबाने को नुकसान पहुंचा सकता है।

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    चुनाव आयोग को भी लिखे थे पत्र

    इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'हेलो' एप द्वारा अन्य सोशल मीडिया मंचों पर 11 हजार से अधिक विरूपित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए सात करोड़ रुपये का भुगतान करने का पता चला है। उन्होंने कहा, 'इन विज्ञापनों में से कुछ में वरिष्ठ भारतीय नेताओं की विरूपित की गई तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। भाजपा के पदाधिकारियों ने स्वयं पिछले आम चुनावों के दौरान इन चिंताओं को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखे थे।'

    देश में उत्पन्न हो सकती हैं सामाजिक उथल-पुथल

    उनकी मांग है की गृह मंत्रालय देश में 'टिकटॉक' और 'हेलो' सहित अन्य चीनी एप पर प्रतिबंध लगाए। स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक ने दावा किया कि 'टिकटॉक' और चीन सरकार के हस्तक्षेप के गठजोड़ का इस्तेमाल भारतीय नागरिकों के निजी जीवन तक पहुंच बनाने और देश में 'सामाजिक उथल-पुथल उत्पन्न करने' के लिए किया जा सकता है।

    मद्रास हाईकोर्ट ने लगाया था बैन

    इससे पहले इसी साल अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि सरकार टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाए। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा था कि सरकार टिकटॉक के वीडियो को फेसबुक जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होने पर भी रोक लगाए। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या वह ऐसा कोई कानून लाएगी जिससे बच्चों को साइबर क्राइम से बचाया जा सके और उन्हें दूर रखा जा सके।

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