गूगल ने यूएस फेड रिजर्व के सामने बांधे भारतीय UPI सिस्टम की तारीफों के पुल, यह बताई पहली खूबी

योगेश साहू
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीयोगेश साहू
Sun, 15 Dec 2019 02:49 AM IST
सार

अमेरिका में भी इस सिस्टम के जरिये लेनदेन शुरू कराने की दी सलाहगूगल के वाइस प्रेसिडेंट मार्क इसाकोवित्ज ने लिखा पत्रपत्र में फेडरल रिजर्व सिस्टम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सचिव को किया संबोधित

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Google praises Indian UPI system in front of US Federal Reserve Board
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    विस्तार

    अपने आर्थिक सुधारों को लेकर चहुंओर से घिरी मोदी सरकार की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) स्कीम की तारीफ दिग्गज इंटरनेट कंपनी गूगल ने अमेरिका के केंद्रीय बैंक से की है। गूगल ने यूएस फेडरल रिजर्व बोर्ड को पत्र लिखकर भारतीय यूपीआई सिस्टम का विस्तृत ब्योरा दिया है। गूगल ने यूएस फेड रिजर्व को भी इसकी तर्ज पर अपने यहां ‘फेडनाऊ’ सिस्टम लागू करने की सलाह दी है।

    गूगल के वाइस प्रेसिडेंट (गवर्नमेंट अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी, यूएस एंड कनाडा) मार्क इसाकोवित्ज ने फेडरल रिजर्व सिस्टम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सचिव एन मिसबैक को यह पत्र सात नवंबर को लिखा था। शनिवार को यह पत्र सार्वजनिक किया गया है।

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    पत्र में मार्क ने कहा है कि गूगल ने भारतीय बाजार में अपनी ‘गूगलपे’ एप उतारने के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के भुगतान नियामक नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ करीब से काम किया है और वहां के यूपीआई सिस्टम की खूबियों को परखा है। मार्क ने इसकी तीन खूबियां गिनाई हैं।

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    पहली खूबी में उन्होंने 2016 में महज नौ सदस्य बैंकों के साथ लांच किए गए यूपीआई सिस्टम से अब 140 बैंकों का जुड़ाव बताया है। दूसरी खूबी में इसका रियल टाइम पेमेंट सिस्टम यानी इधर से भुगतान भेजते ही दूसरी तरफ खाते में पैसा जुड़ जाने की व्यवस्था और तीसरी खूबी में यूपीआई सिस्टम का ‘ओपन’ होना यानी तकनीकी कंपनियों यूजर्स के लिए अपनी भुगतान एप बना सकती हैं।

    मार्क ने खुद गूगल को भी इसका लाभ होने का उदाहरण दिया और बताया कि पिछले साल सितंबर में 2.2 करोड़ यूजर वाली गूगलएप ने इस साल इसी महीने में तीन गुना 6.7 करोड़ यूजर अपने साथ जोड़े हैं।

    मार्क ने बताया कि तीन साल के अंदर ही यूपीआई से भारत में औसतन 19 अरब डॉलर कीमत के करीब 80 करोड़ लेनदेन हो रहे हैं, जो भारतीय जीडीपी के कुल वार्षिक लेनदेन का 10 फीसदी हिस्सा है।

    बता दें कि वर्ल्डलाइन की ताजा रिपोर्ट ‘इंडिया डिजिटल पेमेंट्स रिपोर्ट-क्यू3-2019’ के मुताबिक, इस साल जुलाई से सितंबर में भारत में यूपीआई लेनदेन ने 2.7 अरब का आंकड़ा छुआ है, जो पिछले साल जुलाई-सितंबर तिमाही के मुकाबे 183 फीसदी ज्यादा है।

    इसी तरह पैसे के हिसाब से भी 2018 के मुकाबले इस तिमाही में 189 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 4.6 खरब रुपये का लेनदेन यूपीआई के जरिये किया गया है।

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